थानेदार शमशाद अंसारी हत्याकांड मामले में नक्सली गिरफ्तार

Updated at : 21 Apr 2017 6:14 AM (IST)
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थानेदार शमशाद अंसारी हत्याकांड मामले में नक्सली गिरफ्तार

दुमका : दुमका पुलिस ने 2008 में शिकारीपाड़ा के तत्कालीन थानेदार शमशाद अंसारी की हत्या के मामले में वांछित नक्सली गोविंद मरांडी को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया गया. गोविंद के खिलाफ दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना में तीन तथा पाकुड़ जिले […]

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दुमका : दुमका पुलिस ने 2008 में शिकारीपाड़ा के तत्कालीन थानेदार शमशाद अंसारी की हत्या के मामले में वांछित नक्सली गोविंद मरांडी को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया गया. गोविंद के खिलाफ दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना में तीन तथा पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना में चार मामले दर्ज हैं. वह लगातार फरार चल रहा था. उसके फरार रहने की वजह से अमड़ापाड़ा थाना पुलिस ने कई नक्सली कांडों में कुर्की जप्ति की भी कार्रवाई की गयी थी.

गोविंद मरांडी मूल रूप से पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के पचुवाड़ा टाटी टोला का रहने वाला था. कुछ सालों से वह गोपीकांदर थाना क्षेत्र के चीरुडीह में रह रहा था. 18 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद उसके नाम, पता व आपराधिक गतिविधि का सत्यापन होने पर उसे शिकारीपाड़ा थाना को सुपुर्द कर दिया गया था. आज अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया.

2003 से ही माओवादी गतिविधि में सक्रिय: पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि वह 2003-04 से ही इस इलाके में माओवादी गतिविधि में सक्रिय था. हालांकि इन दिनों वह दस्ते में शामिल रहने की बजाय प्रचारक के रूप में ही सक्रिय रह रहा था. गोपीकांदर थाना प्रभारी प्रमोद रंजन ने वह बद्री राय के साथ माओवादी संगठन में जुड़ा रहा था. कोलकाता में उसने कंप्यूटर की ट्रेनिंग भी ली थी.
श्री रंजन ने बताया कि किसी विदेशी मिशनरीज के भी संपर्क में वह था और उसके साथ हजारीबाग भी वह गया था.
गोविंद मरांडी पर दर्ज मामले
शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 13/2009, दिनांक 11.02.2009 मटियाजोरी में शंकर सोरेन की हत्या
शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 121/2009, दिनांक 08.12.2009 विधानसभा चुनाव के समय दो बीएसएफ जवानों की हत्या व हथियार की लूट
शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 37/2008, दिनांक 26.04.2008 शिकारीपाड़ा के तत्कालीन थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मियों की हत्या.
अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 56/ 2005, दिनांक 21.11.2005
अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 57/ 2005, दिनांक 25.11.2005
अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 38/ 2007, दिनांक 26.06.2007
अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 60/ 2007, दिनांक 28.10.2007
2009 में बीएसएफ के दो जवानों की हत्या में भी था संलिप्त
गोविंद मरांडी 2009 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शिकारीपाड़ा के रामगढ़ के पास बीएसएफ के दो जवानों की हत्या तथा उनके हथियारों की लूट में भी शामिल रहा था. आठ दिसंबर 2009 को हुई इस वारदात में उसके खिलाफ दफा 147, 148, 149, 307, 302 व 333 एवं 17 सीएलए एक्ट तथा 13 यूएपी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. इससे पहले 11 फरवरी 2009 को शिकारीपाड़ा के मटियाजोरी में ही शंकर सोरेन की हत्या तथा 26 अप्रैल 2008 को तत्कालीन शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी शमशाद अंसारी व दो अन्य जवानों की हत्या में भी उसकी संलिप्तता सामने आयी थी. वह नामजद आरोपित बनाया गया था.
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