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Published at :09 Dec 2015 7:18 PM (IST)
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लीड. 4// सदर अस्पताल में ब्रेन मलेरिया के लिए इंजेक्शन नहीं 232 रुपये के एक इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे मरीजों को संवाददाता, दुमकाउपराजधानी दुमका के सदर अस्पताल की स्थिति सुधरती नहीं दिख रही है. एक की स्थिति सुधारी जाती है, तो दूसरी खामियां सामने आने लगती है. डीसी राहुल कुमार सिन्हा के फटकार के बाद भी दवाइयों के स्टॉक पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यही वजह है कि मरीजों को अब भी बाहर से ही दवा खरीदनी पड़ रही है. चिकित्सक द्वारा पुरजे पर ‘वेरी वेरी सिरियस’ लिखे जाने पर भी मरीज को आपात स्थिति में अस्पताल प्रबंधन दवा उपलब्ध नहीं करा पाता. सदर अस्पताल में प्रभात खबर की टीम ने जब ब्रेन मलेरिया के मरीजों के चल रहे ईलाज की पड़ताल की, तब पाया कि इन मरीजों को स्लाइन तो अस्पताल प्रशासन उपलब्ध करा रहा है, लेकिन जो इंजेक्शन इस बीमारी के लिए सबसे कारगर माना जाता है, वह उन्हें बाजार से ही खरीदना पड़ रहा है. एक इंजेक्शन की कीमत 232 रुपये है. छोटे बच्चों को इस इंजेक्शन के कम से कम तीन और बड़ों को छह इंजेक्शन दिया जाता है. इन दोनों ही मरीजों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. बावजूद इनके परिजनों को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज नहीं मिल पा रहा है. ………………………….केस स्टडी-1इस बेड पर 8 साल की पानमती किस्कू का इलाज चल रहा है. सदर अस्पताल में उसे कल लगभग दिन के 10 बजे लाया गया. काठीकुंड के कैरासोल की पानमती का इससे पहले चार दिनों का रिंची हॉस्पिटल नयाडीह में भी ईलाज चला. जिसके बाद स्थिति में सुधार न होने पर उसे सदर अस्पताल भेज दिया गया. पानमती को रिंची अस्पताल में ईलाज कराने में तो फुटी-कौड़ी नहीं लगी, लेकिन सदर अस्पताल में तीस घंटे के अंदर उनके परिजनों को 950 रुपये के दवा-इंजेक्शन बाहर से खरीदने को मजबूर होना पड़ा…………………………..केस स्टडी-2दुमका-भागलपुर रोड में सड़क के किनारे ही है जामा प्रखंड का तरबंधा गांव. इसी गांव के रहने वाले गेब्रियल हांसदा को सदर अस्पताल के पुरुष वार्ड में भर्ती कराया गया है. पानमती की मां ग्रीनमुनी हेंब्रम की ही तरह गेब्रियल हांसदा की पत्नी अग्नेश हेंब्रम को पति के लिए लैरीनेट नाम के इंजेक्शन को खरीदकर मंगाना पड़ा है. गरीब परिवार की अग्नेश को लगा था कि सरकार के दावों के अनुरूप यहां मलेरिया-ब्रेन मलेरिया का मुफ्त ईलाज हो जायेगा. पर दवा की कीमतों ने उनके सोच को बदल दिया. उसने कहा कि पता नहीं कितने इंजेक्शन और खरीदने होंगे…………………..पचास इंजेक्शन की करा देंगे व्यवस्था : डीएमओजानकारी दिये जाने पर जिला मलेरिया पदाधिकारी ने कहा कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि लैरीनेट के इंजेक्शन सदर अस्पताल में समाप्त हो गया है. हालांकि इसकी खरीद अस्पताल प्रबंधन समिति के जरिये सीएस को कराना है. हम अपने स्तर से पचास इंजेक्शन की खरीद करवा रहे हैं. सदर अस्पताल के मरीज के लिए इसे हम उपलब्ध करायेंगे……………..1.59 लाख मच्छरदानी की है जरूरतदुमका जिले में मेडिकेटेड मच्छरदानी का वितरण 2010-11 में किया गया था, उसके बाद इस तरह की योजना नहीं आ सकी. इस बार राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरित कराने की योजना बनायी है. जिले से एक लाख उनसठ हजार मेडिकेटेड मच्छरदानी (एलएलआइएन) की अधियाचना की गयी थी. मिली जानकारी के मुताबिक जल्द ही मच्छरदानी की भी आपूर्ति हो जायेगी और विभाग उसका वितरण भी करायेगा……………..फोटो9 डीयूएम 4- केस-19 डीयूएम 4- केस-2……………..

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