35 हजार श्रद्धालुओं ने फौजदारी बाबा काे किया जलाभिषेक

नवरात्र के सातवें दिन मंदिर परिसर में देर शाम तक जुटी रही भक्तों की भीड़
बासुकिनाथ. आश्विन शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, सोमवार को शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप, मां कालरात्रि की विधिवत पूजा संपन्न हुई. भक्तों की भीड़ सुबह से ही मंदिर प्रांगण में पहुंची और पवित्र गंगाजल से भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस दिन करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया. सुबह चार बजे मंदिर खुलने पर सरकारी पुजारी ने षोडशोपचार विधि से बाबा फौजदारीनाथ की प्रभातकालीन पूजा की. इसके बाद भक्तों के लिए गर्भगृह खोल दिया गया.उतरवाहिनी गंगा, सुल्तानगंज से पैदल लाया गया गंगाजल श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग पर अर्पित किया गया. पुजारी ने फुलेल, ईत्र, घाम-चंदन, दूध, दही, घी, शक्कर, फल-फूल, मधु, धोती, साड़ी, जनेऊ आदि का पूजन कराया. श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से जलाभिषेक किया. शाम पांच बजे विश्राम पूजन के लिए कांवरियों का जलार्पण रोका गया और मंदिर के कपाट बंद किये गये. रात्रि में कपाट पुनः खोले गये और जलार्पण जारी रहा. इस दौरान श्रद्धालुओं ने ध्वजारोहण और पूर्व मनौतियों के अनुसार विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाये. मंदिर में अष्टाध्याई रुद्राभिषेक, ग्रह शांति पूजा, कालसर्प दोष शांति पूजा और महामृत्युंजय जप जैसे अनुष्ठान भी संपन्न हुए. इस अवसर पर भक्तों ने मां कालरात्रि के प्रति गहरा भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




