एरोबिक धान व झारसीम मुर्गी पर होंगे प्रयोग

Updated at : 23 Feb 2018 4:40 AM (IST)
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एरोबिक धान व झारसीम मुर्गी पर होंगे प्रयोग

मूंगफली के K-6 प्रभेद का 60 एकड़ में होगा प्रत्यक्षण दुमका : कृषि विज्ञान केंद्र दुमका के 13वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अपर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ सोहन राम की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई, जिसमें चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी. डॉ राम […]

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मूंगफली के K-6 प्रभेद का 60 एकड़ में होगा प्रत्यक्षण

दुमका : कृषि विज्ञान केंद्र दुमका के 13वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अपर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ सोहन राम की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई, जिसमें चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी. डॉ राम ने केवीके के वैज्ञानिकों को गरीब किसानों के लिए कम लागत वाले कृषि तकनीक को प्रसारित करने का निर्देश दिया. उन्होंने महिला कृषकों के लिए लघु कृषि यंत्र एवं मूल्यवद्धित फल-सब्जियों तथा मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने की सलह दी.
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ बीके भगत ने कम लागत वाले जैविक उर्वरक तथा जैविक कीटनाशक शोध पर सुझाव पेश किया. वहीं केवीके दुमका द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 की कार्ययोजना को भी प्रस्तावित किया गया. जिसमें कम पानी में होनेवाले एरोबिक धान व सेसबानिया अर्थात घैंचा पर प्रयोग, परती भूमि पर चारा फसल के रूप में बरसीम, जई व खेसारी पर प्रयोग, गोबर खाद के डिकंपोस्टिंग, झारसीम नस्ल के मुर्गी पर अंडा एवं मांस दोनो के लिए प्रयोग शामिल किये गये. वहीं मूंगफली के के-6 प्रभेद का प्रत्यक्षण 60 एकड़ भूमि पर करने, अरहर के लिए आइपीए 203, मूंग के लिए एचयूएम-16, चना के लिए जीएनजी 1581, कुलथी के लिए इंदिरा का 150 हेक्टेयर पर प्रत्यक्षण जीवाणु खाद के लिए राइजोबियम, एसोटेबैक्टर एवं पीएसबी का प्रत्यक्षण, मछली के पोषण के लिए तसर कोकुन को भेज्य पदार्थ के रूप में प्रयोग, मशरूम एवं कटहल के मूल्य संवर्द्धन के लिए प्रसंस्करण, हाईब्रीड मक्का में फास्फोरस खाद प्रबंधन के भी प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी.
पपीता के फीमेल फ्लावर का होगा प्रयोग
वहीं बैठक में 1000 क्विंटल दलहनी बीज उत्पादन का लक्ष्य भी रखा गया. टीशु कल्चर केला के प्रभेद जी-8 तथा रोबुस्टा प्रभेद व पपीता में फीमेल फ्लावर पर भी प्रयोग पर चर्चा की गयी. आत्मा के परियोजना निदेशक डॉ दिवेश कुमार सिंह ने मशरुम बीज उत्पादन को लेकर प्रयोगशाला विकसित करने पर जोर दिया. बैठक में शस्य विज्ञान के डॉ श्रीकांत सिंह, मृदा विज्ञान के डॉ जयंत लाल, गृह विज्ञान की डॉ सीमा सिंह, पशुपालन के डॉ संजय कुमार,
उद्यान प्रभाग के किरण कंडीर ने कार्ययोजना प्रस्तावों को रखा था. मौके पर जिला अग्रणी प्रबंधक एस रमन प्रसाद, नाबार्ड के डीडीएम नवीन चंद्र झा,जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी राजेंद्र प्रसाद, जियाउल हसन सरवर, डॉ पीबी साहा, डॉ सुनील कुमार, डॉ एके साहा, डब्ल्यू आइंद, राजू लिंडा, प्रगतिशील किसान अमरेंद्र कुमार, परमेश्वर मंडल, भुवनेश्वर मांझी, तबस्सुम खान, नगीना बीवी आदि मौजूद थे.
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