शहर की चार प्रमुख जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा, अमृत फेज-1 की धीमी गति पर लगायी फटकार
धनबाद शहर की जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर नगर निगम अब सख्त हो गया है. नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने बुधवार को धनबाद शहरी क्षेत्र में संचालित चारों प्रमुख जलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि जलापूर्ति योजनाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में डीएमएफटी पोषित फेज-2 जलापूर्ति संवर्धन योजना की प्रगति पर चर्चा हुई. एलएंडटी द्वारा क्रियान्वित इस योजना में इंटेक वेल निर्माण में आ रही कठिनाई, डीवीसी व एनएचएआइ से समन्वय की समस्या, अतिक्रमण, विभिन्न स्वीकृति में हो रहे विलंब तथा सिंदरी क्षेत्र में उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा हुई. नगर आयुक्त ने अड़चनों को चिह्नित कर त्वरित समाधान निकालने का निर्देश दिया. अमृत फेज-1 जलापूर्ति योजना की धीमी गति पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जतायी. श्रीराम इपीसी द्वारा किये जा रहे कार्यों की धीमी रफ्तार पर नियम संगत कार्रवाई के निर्देश दिये. समीक्षा के दौरान जलापूर्ति नेटवर्क में लीकेज, तकनीकी खामियों और वितरण संबंधी समस्याओं की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. नगर आयुक्त ने सभी कार्यदायी एजेंसियों को राज्य व केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करने तथा निर्धारित समय पर योजनाओं का काम पूरा करने का निर्देश दिया. नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्धारित समय पर प्रगति प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिये.राजस्व की कमजोर स्थिति पर जतायी चिंता
घरेलू जल संयोजन से प्राप्त होने वाले राजस्व की कमजोर स्थिति पर नगर आयुक्त ने गंभीर चिंता जतायी. उन्होंने संबंधित एजेंसियों को राजस्व संग्रहण में त्वरित और प्रभावी सुधार के निर्देश दिये. आवश्यकता पड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी. बैठक में अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, जुडको, एलएंडटी, श्रीराम इपीसी सहित सभी संबंधित एजेंसियों और निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

