Dhanbad News : निगम ने 1200 बकायेदारों को भेजा नोटिस, खाता फ्रीज करने की तैयारी

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Dhanbad News : निगम ने 1200 बकायेदारों को भेजा नोटिस, खाता फ्रीज करने की तैयारी

नगर आयुक्त ने कहा- जिन क्षेत्रों से प्रोपर्टी टैक्स नहीं आ रहा, वहां नहीं होंगे सफाई व विकास कार्य

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नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स और वाटर टैक्स बकायेदारों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है. तीन से चार साल से टैक्स नहीं देनेवाले 1200 बकायेदारों को नोटिस थमाया गया है. निगम अब इनका बैंक खाता फ्रीज करने की तैयारी कर रहा है. 2011 के सर्वे के मुताबिक शहरी क्षेत्र में कुल 2.25 लाख घर हैं, लेकिन 94 हजार घरों का ही होल्डिंग नंबर दर्ज है. इनमें से भी सिर्फ 45 हजार घर टैक्स जमा करते हैं. सबसे बड़ी चुनौती बीसीसीएल के 1.10 लाख घरों की है, जो नगर निगम को टैक्स नहीं देते. निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से हर साल लगभग 38 करोड़ रुपये की आय होती है, जबकि बकाया राशि इससे कई गुना अधिक है. नगर आयुक्त रवि राज शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जिन क्षेत्रों से प्रोपर्टी टैक्स नहीं मिलता है, वहां सफाई व विकास कार्य नहीं होंगे. डबल होल्डिंग और गलत नंबर की गड़बड़ी : नगर निगम के आंकड़े बताते हैं कि करीब दो प्रतिशत घरों का डबल होल्डिंग नंबर है. वहीं, 15 हजार ऐसे होल्डिंग धारक हैं, जिनका नाम है और पता में सिर्फ धनबाद अंकित है. मोबाइल नंबर भी गलत दर्ज है. इससे नोटिस भेजने और वसूली की कार्रवाई में परेशानी हो रही है.

वाटर टैक्स में भी आधे उपभोक्ता गायब :

धनबाद में 38 हजार पानी का कनेक्शन है, लेकिन इनमें से सिर्फ 19 हजार उपभोक्ता ही नियमित वाटर टैक्स जमा करते हैं. बाकी आधे उपभोक्ताओं का बकाया है. इससे निगम की आय पर असर पड़ता है. नगर निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं को शॉट लिस्ट करने की तैयारी शुरू करेगा. एक-एक वार्ड में सर्वे कर पानी कनेक्शन की सूची तैयार करेगा.

ट्रेड लाइसेंस में 14 हजार का अंतर :

धनबाद नगर निगम क्षेत्र में 20 हजार से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान होने चाहिए, लेकिन अब तक सिर्फ छह हजार ने ही ट्रेड लाइसेंस लिया है. बताया जाता है कि कॉमर्शियल होल्डिंग के कारण कई प्रतिष्ठानों का ट्रेड लाइसेंस नहीं बन रहा है. नगर निगम को हर साल ट्रेड लाइसेंस से करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कोट

अब बकायेदारों को बख्शा नहीं जायेगा. बैंक खाता फ्रीज, नाम सार्वजनिक करने और कानूनी कार्रवाई तक की तैयारी है. इससे टैक्स वसूली में सुधार आयेगा और शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन जुटेंगे. जिस क्षेत्र से प्रोपर्टी टैक्स नहीं आता है, उस क्षेत्र में सफाई के साथ विकास कार्य नहीं किये जायेंगे.

रवि राज शर्मा,

नगर आयुक्त

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