Dhanbad News: संतान का व्यवहार माता-पिता के संस्कारों का परिणाम : विजय कौशल

होटल रेडिसन में श्रीराम कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु.
धनसार स्थित होटल रेडिसन में मिताथालिया परिवार की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन संतश्री विजय कौशल महाराज ने जीवन, परिवार और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यदि वृद्धावस्था में संतान माता-पिता का अनादर करती है या उन्हें घर से निकाल देती है, तो इसके लिए केवल संतान को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. इसके पीछे माता-पिता द्वारा दिये गये संस्कार और पारिवारिक वातावरण भी जिम्मेदार होते हैं. जैसी भूमि होती है, वैसी ही फसल उगती है.
गंभीर पाप है गुरु निंदा
तीर्थस्थलों पर स्थायी निवास करना उचित नहीं है. आश्रमों में लंबे समय तक रहने से कई बार लोग अपने गुरु की ही आलोचना करने लगते हैं, जबकि गुरु निंदा गंभीर पाप है. उन्होंने लोगों से अपने घरों को ही तीर्थ के समान पवित्र बनाने का आह्वान किया. समय-समय पर तीर्थ यात्रा अवश्य करें, लेकिन लौटकर अपने घर-परिवार में भी वही पवित्रता बनाए रखें. बच्चों को अच्छे संस्कार दें. उन्होंने कहा कि सद्गुण और सदविचार बड़ी कठिनाई से आते हैं, जबकि दुर्गुण और कुविचार आसानी से मन में प्रवेश कर जाते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By आशीष कुमार
आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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