धनबाद से अम्मार याशर गिरफ्तार, आतंकवादियों का नेटवर्क बढ़ाने में था सक्रिय, एटीएस ने दबोचा

झारखंड से एक और संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार
Terror News Jharkhand: झारखंड में एटीएस ने एक और संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया है. उसे धनबाद से दबोचा गया है. 30 अप्रैल को अम्मार याशर को अरेस्ट किया गया. उसके मोबाईल से प्रतिबंधित संगठन से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं. दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है. उसकी गिरफ्तारी 26 अप्रैल को गिरफ्तार हुए 4 आतंकियों में से एक की निशानदेही पर हुई है. पहले इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम कर चुका अम्मान याशर 10 साल की सजा भी भुगत चुका है.
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Terror News Jharkhand| धनबाद, नीरज अम्बष्ट : आतंकवादी संगठन से जुड़े एक और शख्स को झारखंड से गिरफ्तार किया गया है. आतंकवादी संगठन से जुड़े इस शख्स का नाम अम्मार याशर है. एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने उसे गिरफ्तार किया है. एटीएस को गुप्त सूचना मिली थी कि आतंकी संगठन एवं अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्ति झारखंड के अन्य युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़कर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से गुमराह कर रहे हैं. ये लोग अवैध आर्म्स का व्यापार कर रहे हैं और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं.
26 अप्रैल को हुई थी 4 संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी
शनिवार 26 अप्रैल 2025 को उक्त सूचना के आधार पर धनबाद जिले में विभिन्न संदिग्ध जगहों पर तलाशी एवं छापेमारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया. टीमों ने जगह-जगह छापेमारी की. इस दौरान गुलफाम हसन, अयान जावेद, मो शहजाद आलम और शबनम प्रवीण (सभी थाना- बैंक मोड़, जिला-धनबाद) को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से आग्नेयास्त्र, कारतूस, कई इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाईस तथा भारी मात्रा में प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित दस्तावेज/पुस्तक बरामद किये गये हैं.
अयान जावेद ने एटीएस को दी अम्मार याशर की जानकारी
इस संबंध में एटीएस रांची ने केस दर्ज कर सभी चार अभियुक्तों को 27 अप्रैल 2025 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. 30 अप्रैल 2025 को अभियुक्त गुलफाम हसन, अयान जावेद, मो शहजाद आलम और शबनम प्रवीण को पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की गयी. पूछताछ में अयान जावेद ने बताया गया कि अम्मार याशर (33) पिता मो फिरोज खान, साकिन शमशेर नगर, थाना भूली ओपी, जिला-धनबाद भी इन लोगों के साथ हिज्ब उत-तहरीर (HuT – HIZB UT-TAHRIR) प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा है.
30 अप्रैल को एटीएस ने अम्मार याशर को किया गिरफ्तार
इसके बाद 30 अप्रैल 2025 को अम्मार याशर उम्र करीब 33 वर्ष को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया. इसके मोबाईल में प्रतिबंधित संगठन से संबंधित कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं. उन दस्तावेजों को विधिवत जब्त कर लिया गया है.
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इंडियन मुजाहिदीन में भी था याशर, 10 साल रह चुका है जेल में
पूछताछ करने पर अम्मार याशर ने बताया कि वह पहले इंडियन मुजाहिदीन (IM) प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा था. वर्ष 2014 में जोधपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था. करीब 10 वर्षों तक जेल में रहने के बाद मई-2024 में जमानत पर छूटा था. इसके बाद धनबाद के अपने साथी अयान जावेद एवं अन्य अभियुक्तों के साथ मिकर HuT (HIZB UT-TAHRIR) प्रतिबंधित संगठन से जुड़ गया और उनके नेटवर्क का विस्तार करने में जुट गया.
अम्मार याशर का आपराधिक इतिहास
- एसओजी (जयपुर, राजस्थान) थाना कांड सं-03/2024 धारा-4/5/6 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 16/17/18/18A/188/19/20/23 UAPA एवं 121/121A/122 आईपीसी
- लालकोठी (जयपुर, राजस्थान) थाना कांड सं.-288/2019 धारा 42 कारा अधिनियम.
- प्रतापनगर (जोधपुर, राजस्थान) कांड सं -113/2014 धारा-3/4/5/59B nar act एवं 10/13/15/16/17/18/188/19/20/21/23/38/40 UAPA एवं 120B/212/465/467 /468/471 आईपीसी
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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