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Dhanbad News : रक्त की कमी से जूझ रहा लाखों की जिंदगी बचाने वाला ब्लड बैंक

Updated at : 14 Jun 2025 1:44 AM (IST)
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Dhanbad News : रक्त की कमी से जूझ रहा लाखों की जिंदगी बचाने वाला ब्लड बैंक

वर्ल्ड ब्लड डोनर डे आज. जिम्मेदारी का एहसास व सामूहिक प्रयास दूर होगी रक्त की कमी

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हर साल 14 जून को वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य रक्तदान करने वालों को प्रेरित करना और इस महादान के लिए उनका हौसला बढ़ाना है. गत तीन-चार वर्षों से रक्तदान के प्रति लोगों का रुझान घटा है. यही वजह है कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी होने लगी है. जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) का ब्लड बैंक भी रक्त की कमी से जूझ रहा है. वर्तमान में ब्लड बैंक में सीमित ग्रुप के कुछ यूनिट रक्त ही उपलब्ध हैं. कई बार थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को भी रक्त नहीं मिल पाता है. जबकि, इस अस्पताल के ब्लड बैंक से हर दिन औसतन 50 से ज्यादा मरीजों की रक्त की जरूरतों को पूरा किया जाता है. ब्लड बैंक के अधिकारियों के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक इस ब्लड बैंक में कभी-कभार ही रक्त की कमी होती थी. नियमित रूप से शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा लगाये गये शिविर में लोग बढ़ चढ़कर रक्तदान करते थे. कुछ लोग खुद आगे आकर रक्तदान करते थे.

संगठनों के शिविर में भी कम पहुंच रहे रक्तदाता

जिले में कार्यरत विभिन्न सामाजिक संगठन समय-समय पर रक्तदान शिविर लगाते हैं. शिविर में इकट्ठा किया गया रक्त एसएनएमएमसीएच के ब्लड बैंक को सौंपा जाता है. यहां से जरूरतमंदों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है. हाल के कुछ वर्षों में आयोजित होने वाले शिविरों में लोगों का आना कम हुआ है. ब्लड बैंक में रक्त की कमी का एक बड़ा कारण यह भी है.

प्रभात खबर की अपील : आपके रक्तदान से बच सकती है किसी की जान

सरकारी ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है. इसके लिए आपका सहयोग जरूरी है. प्रभात खबर लोगों से अपील करता है कि रक्तदान करें. जब भी मौका मिले सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित होने वाले शिविर में हिस्सा लें और रक्तदान कर किसी की जिंदगी बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें.

इनसे सिखें : अबतक 33 लोगों के लिए कर चुके है रक्तदान

बेकारबांध के रहने वाले राजकुमार उर्फ बबलू अबतक 33 लोगों के लिए रक्तदान कर चुके हैं. उनका ब्लड ग्रुप ए-नेगेटिव है, जो एक रेयर ग्रुप माना जाता है. जिनको ए-नेगेटिव रक्त की जरूरत है, वह अक्सर बबलू से संपर्क करते हैं. 56 वर्ष की उम्र में भी राजकुमार उर्फ बबलू कभी उनके पास रक्त के लिए पहुंचे लोगों को निराश नहीं करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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NARENDRA KUMAR SINGH

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By NARENDRA KUMAR SINGH

NARENDRA KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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