वर्दी में थिरकना पड़ गया थानेदारनी को भारी, कप्तान साहब ने कर दिया लाइन हाजिर

चैती दुर्गा पूजा कार्यक्रम में थिरकतीं राजगंज की थाना प्रभारी अलीशा कुमारी अग्रवाल (बाएं-दाएं लाल घेरे में). फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad News: धनबाद में राजगंज थाने की थानेदारनी अलीशा कुमारी अग्रवाल का वर्दी में डांस वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया. पुलिस नियमों के उल्लंघन और पूर्व लापरवाही के आरोपों के बीच यह कार्रवाई हुई. मामले की जांच जारी है और आगे कड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के राजगंज थाने की थानेदारनी अलीशा कुमारी अग्रवाल को वर्दी में थिरकना भारी पड़ गया. वह किसी कार्यक्रम में भोजपुरी गाने पर वर्दी में ही थिरक रही थीं, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उनके साथ कुछ और महिलाएं और एक महिला पुलिस कर्मी भी दिखाई दे रही हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिले के कप्तान साहब (एसपी) ने लाइन हाजिर कर दिया.
वर्दी में डांस पर उठे सवाल
पुलिस नियमावली के अनुसार, वर्दी में इस तरह के निजी मनोरंजन या सार्वजनिक गतिविधियों में शामिल होना अनुचित माना जाता है. वर्दी सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि अनुशासन और गरिमा का प्रतीक होती है. ऐसे में इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद विभागीय अनुशासन और वर्दी की मर्यादा पर सवाल उठने लगे हैं.
एसएसपी ने की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अलीशा कुमारी अग्रवाल को लाइन हाजिर कर दिया है. इसका मतलब है कि उन्हें फिलहाल थाने के कार्य से हटा दिया गया है और विभागीय जांच पूरी होने तक उन्हें लाइन में रखा जाएगा.
मटन प्रसाद के मामले में भी चल रही जांच
जानकारी के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है जिसमें अलीशा कुमारी अग्रवाल पर सवाल उठे हों. राजगंज थाना से मटन प्रसाद महतो की जब्त बाइक के गायब होने का मामला पहले से ही चर्चा में था. इस संबंध में 19 मार्च को पीड़ित ने ग्रामीण एसपी से शिकायत की थी. इस मामले में भी वरीय अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही थी.
लापरवाही और अनुशासनहीनता बनी वजह
सूत्रों के मुताबिक, लगातार मिल रही शिकायतों और लापरवाही के आरोपों के बीच वर्दी में डांस करने का वीडियो सामने आने से विभाग ने सख्त रुख अपनाया. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और अनुशासनहीनता को बढ़ावा देती हैं.
एसएसपी का बयान
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगंज थाना प्रभारी को लाइन क्लोज किया गया है. उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
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विभागीय छवि पर असर
इस घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. आम लोगों का मानना है कि वर्दी में इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ नियमों के खिलाफ हैं, बल्कि इससे पुलिस की साख पर भी असर पड़ता है. अब सभी की नजर जांच के निष्कर्ष और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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