डीएवी स्कूल में साइबर सुरक्षा की पाठशाला, बच्चों को ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए उपाय

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बच्चों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देते ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब

डीएवी स्कूल, कोयला नगर में आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, नुकसान और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने छात्रों को अनजान लिंक और कॉल से सतर्क रहने तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के तरीके बताए.

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जिले में साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के नेतृत्व में चलाये जा रहे विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को डीएवी स्कूल, कोयला नगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूप, उससे होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों की जानकारी दी.

अनजान लिंक और कॉल से रहें सतर्क

ग्रामीण एसपी ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं. साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या किसी प्रतिष्ठित संस्थान का कर्मचारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं. इनाम, नौकरी, निवेश, लोन, केवाईसी अपडेट और बिजली बिल समेत विभिन्न बहानों से फर्जी लिंक भेजकर भी ठगी की जाती है.

उन्होंने छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और अज्ञात नंबर से आने वाले फोन या मैसेज पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी. साथ ही ओटीपी, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने को कहा.

सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की दी जानकारी

कार्यक्रम में सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया. ग्रामीण एसपी ने अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने, निजी तस्वीरें, वीडियो और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी. उन्होंने मोबाइल में मजबूत पासवर्ड रखने और समय-समय पर उसे बदलने की भी अपील की.


कार्यक्रम में शामिल पुलिस एवं स्कूली बच्चे
कार्यक्रम में शामिल पुलिस एवं स्कूली बच्चे

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए. समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने या उसकी रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने छात्रों से अपने माता-पिता और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की.

छात्रों ने पूछे साइबर अपराध से जुड़े सवाल

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, फर्जी कॉल और लिंक तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल उठाये जाने वाले कदमों से जुड़े सवाल पूछे. ग्रामीण एसपी ने छात्रों के सवालों का जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है. फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन उत्पीड़न, निजी तस्वीरों का दुरुपयोग और पहचान संबंधी धोखाधड़ी भी साइबर अपराध के दायरे में आते हैं. इसलिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है.

साइबर डीएसपी ने भी किया जागरूक

कार्यक्रम में साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से साइबर अपराध की रोकथाम और आम लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. विद्यालयों और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही साइबर सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है.

मौके पर सरायढेला थाना प्रभारी मंजीत कुमार, विद्यालय की प्राचार्या डी. बनर्जी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पुलिस पदाधिकारी व कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान बच्चों में साइबर सुरक्षा को लेकर उत्साह देखने को मिला.

धनबाद पुलिस की ओर से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विद्यालयों और अन्य संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. इसका उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध के नये तरीकों की जानकारी देकर ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना है.


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