बिजली संकट से उद्योग-धंधे प्रभावित, इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन 50 फीसदी घटा

Updated at : 13 Jun 2024 1:54 AM (IST)
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बिजली संकट से उद्योग-धंधे प्रभावित, इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन 50 फीसदी घटा

कारोबारी झेल रहे दोहरी मार, महंगा है डीजल, जेनेरेटर चलाने में बिगड़ रहा बजट

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कारोबारी झेल रहे दोहरी मार, महंगा है डीजल, जेनेरेटर चलाने में बिगड़ रहा बजट

उद्योग, मॉल, आटा-मसाला चक्कियां, दुकान, शोरूम संचालकों पर बोझ बढ़ा

मुख्य संवाददाता, धनबाद.

झारखंड गठन के 23 साल बाद भी देश की कोयला राजधानी धनबाद को बिजली कटौती से राहत नहीं मिली है. पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से लघु उद्योग-धंधों पर बुरा असर पड़ रहा है. मॉल, आटा-मसाला चक्कियां, दुकान, शोरूम या फिर ऑटो वर्कशॉप बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं. एक-एक फीडर क्षेत्र में रोज दस से बारह घंटे बिजली कटौती की जा रही है. वहीं दर्जनों बार बिजली की ट्रिपिंग हो रही है. धनबाद में 108 हार्डकोक, 60 सॉफ्टकोक, 10 ब्रिकेट, 102 रिफ्रैक्टरीज, 55 स्टोन क्रशर, 85 चिमनी, 04 मिनरल माइंस इंडस्ट्रीज, 07 स्पंज आयरन व 07 पिग आयरन आदि की फैक्ट्रियां है. इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन की मानें तो बिजली कटौती से प्रोडक्शन घटकर आधा हो गया है. जो प्रोडक्शन हो रहा है, वह डीजल खर्च में चला जा रहा है. जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स की मानें तो मॉल, दुकानों में भी खर्च बढ़ गया है. 12 से 14 घंटे बिजली कट रही है. लगातार जेनेरेटर चल रहे हैं. गरमी के कारण बाजार में ग्राहक नहीं हैं. बिक्री घटकर 30 प्रतिशत पहुंच गयी है. जो कमाई हो रही है, वह जेनेरेटर के डीजल में चला जा रहा है.

बिजली संकट से 65 किलो लीटर बढ़ गयी डीजल की खपत : लगातार बिजली कटौती से डीजल की बिक्री बढ़ गयी है. धनबाद में एक दिन में 217 केएल (किलो लीटर) डीजल की खपत होती है. बिजली नहीं रहने से जेनरेटर का उपयोग अधिक हो रहा है. इस कारण जिले में 65 केएल डीजल की खपत बढ़ गयी है. यह दावा कोलफिल्ड पेट्रोलियम डिलर्स एसोसिएशन के महासचिव संजीव राणा ने किया है.

फोटोएमएसएमइ उद्योग प्रभावित, कई प्लांट बैठ गये : नंदलालमारवाड़ी युवा मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह उद्यमी नंदलाल अग्रवाल ने कहा कि गरमी में बिजली की समस्या विकराल हो गयी है. 24 घंटे में मुश्किल से आठ- दस घंटे बिजली मिल रही है. बिजली कटौती के अलावा ट्रिपिंग की समस्या से व्यवसायी परेशान है. प्रोडक्शन घटकर आधा हो गया है. कई प्लांट तो बैठ गये है. सरकार ने जीरो कट बिजली का दावा किया गया था लेकिन आज तक धनबाद को जीरो कट बिजली नहीं मिली. यही स्थिति रही तो कई उद्योग बंद हो जायेंगे. बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए सरकार पहल करे.

इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसो ने मुख्य सचिव को भेजा पत्रइंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन ने मुख्य सचिव को त्राहिमाम पत्र भेजकर बिजली संकट से निजात दिलाने का आग्रह किया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन सिंह ने भेजे पत्र में कहा है कि पिछले कुछ महीनों से धनबाद के लोग भीषण बिजली संकट से जूझ रहे हैं. वैसे तो धनबाद में बिजली आपूर्ति हमेशा से ही एक समस्या रही है. दुर्भाग्य की बात है कि समय के साथ हालात सुधरने की बजाय और खराब होते गये. इस बार जो संकट है, वह अभूतपूर्व है. लेकिन जेबीवीएनएल के अधिकारी यही बहाना बनाते रहते हैं कि इस संकट के लिए डीवीसी जिम्मेदार है. अगर यही स्थिति रही तो उद्योग धंधे खत्म हो जाएंगे.

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