आपकी ये छोटी सी भूल होली को न कर दे बदरंग, मिठाई में मिलाया जा रहा यूरिया, ऐसे करें पहचान

Updated at : 14 Mar 2025 6:35 AM (IST)
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Holi 2025, PIC Credit- Meta Ai

Holi 2025, PIC Credit- Meta Ai

Holi 2025: धनबाद में होली की मिठाई में मिलावट हो रही है. सिंथेटिक खोवा, प्रतिबंधित रंग और एसेंस का खूब उपयोग इस्तेमाल हो रहा है. अगर आप भी कैसे मिलावट को अंजाम दिया जा रहा है इसकी जानकारी चाहते हैं तो हमारा ये आलेख जरूर पढ़ें.

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धनबाद : होली में मिठाई की खूब डिमांड रहती है. धनबाद में इस साल होली में अनुमानित पांच करोड़ से अधिक का मिठाई कारोबार होगा. इसका डिमांड अधिक होने से मिलावट का धंधा भी खूब चलता है. सिंथेटिक खोवा, प्रतिबंधित रंग और एसेंस का खूब उपयोग होता है. बंगाल, कानपुर, बनारस, राजस्थान और दिल्ली से सिथेटिक खोवा मंगाये जाने की सूचना है. स्थानीय स्तर पर भी दूध और यूरिया को मिलाकर खोवा तैयार किया जा रहा है.

जामताड़ा समेत इन जगहों से आ रही छेना की खेप

बसूरिया, मधुपुर, जामताड़ा से छेना की खेप आ रही है. मिठाई में आम तौर पर नकली मावा, मैदा और आटे की मिलावट की जाती है. यह हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और बीमारी का कारण बन सकता है.

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ऐसे होती है मिलावट

चांदी की वर्क की जगह लगाया जाता है जस्ता लगाया जाता है. केमिकल युक्त रंग का इस्तेमाल होता है. इसके अलावा कई मिठाईयों में दूध और यूरिया दोनों इस्तेमाल होता है. खास कर खोवा और काजू बरफी में इसका जमकर इस्तेमाल होता है. वहीं, मूगफली, मोतीचूर के बेसन के लड्डू में खेसारी मिलाया जाता है.

आप खुद भी कर सकते हैं जांच

  • सफेद मिठाई का सैंपल लेकर उसे पानी में घोल लें. इस घोल में आयोडीन की 3‐4 बूंद डाल लें. सफेद घोल का रंग काला पड़ गया, तो समिझए इस मिठाई में मैदा, आटा या पिसे आलू की मिलावट है.
  • मिठाई पर चढ़ी वर्क का एक छोटा टुकड़ा हथेली पर रगड़े. एल्यूमिनयम की परत रगड़ने पर नष्ट नहीं होता, वहीं, चांदी की परत मसलने पर दिखाई नहीं देता है.
  • मिठाई में मेटलीन येलो कलर प्रतिबंधित है. मिठाई को पीला रंग देने के लिए इसका उपयोग होता. इस रंग की मिठाई का घोल बना उसमें हाईड्रोक्लोरिक एसिड की 2‐3 बूंद डालने पर पानी का रंग यदि लाल हो जाता है, तो समझें मिठाई में प्रतिबंधित रंग का इस्तेमाल किया गया है.
  • मिठाई चीनी से बनी है या सेक्रिन से इसका पता लगाना आसान है. मिठाई का टुकड़ा चखने पर पहले मीठा स्वाद आये और थोड़ी देर बाद मुंह कसैला होता है, तो समझिये यह सेक्रिन से बनी है.
  • काजू बरफी खरीदते वक्त इसके रंग पर ध्यान रखें. आज कल इसमें मुंगफली अधिक और काजू कम मिलाया जाने लगा है. यदि काजू बरफी सफेद नहीं है और इसमें हल्का कालापन है, तो समझिये इसमें मुंगफली की मात्रा अधिक है.
  • छेने और खोवा से बनी मिठाई में मैदा है या नहीं, इसकी जांच करने के लिए मिठाई के घोल में आयोडिन सोčयूशन डालें. रंग ब्लू या ब्लेकिश हो गया, तो मिलावट है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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