ePaper

किसान दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मंथन, किसानों को बदलने होंगे खेती-बाड़ी के तरीके

Updated at : 23 Dec 2024 9:40 PM (IST)
विज्ञापन
किसान दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मानित करते

किसान दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मानित करते

Farmers Day 2024: किसान दिवस पर धनबाद में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान रांची के संयुक्त निदेशक डॉ विजय पाल भडाना ने कहा कि आने वाले दिनों में किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए चुनौती बढ़ेगी.

विज्ञापन

Farmers Day 2024 Brainstorming in National Seminar farmers change their farming methods| गोविंदपुर (धनबाद): भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान रांची के संयुक्त निदेशक डॉ विजय पाल भडाना ने कहा कि आनेवाला समय देश के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए चुनौतीपूर्ण है. एक तरफ आबादी लगातार बढ़ रही है और खाद्यान्न की आवश्यकता बढ़ रही है, तो दूसरी ओर खेती की जमीन लगातार घटती जा रही है. शहरीकरण होता जा रहा है. वह सोमवार को किसान दिवस पर गोविंदपुर स्थित कौआबांध में ‘जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि व किसानों के सतत विकास’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में झारखंड जैसे प्रदेश के ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. यहां की खेती मानसून पर निर्भर है. इस चुनौती से निबटने के लिए हमें खेती-बाड़ी के तौर-तरीके को बदलने की जरूरत है.

किसानों को दी गयी मिट्टी जांच की मशीन


दो दिवसीय इस कार्यक्रम में केवीके संत कबीर नगर यूपी के प्रमुख डॉ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि कृषि उत्पादन लागत को कम करना होगा. तकनीकी प्रयोग से वर्तमान उत्पादन को आगामी वर्षों में चार गुणा करना होगा. अबू धाबी विश्वविद्यालय के मो जावेद ने कहा कि गन्ना उत्पादन को बढ़ाकर चीनी और इथेनॉल की पैदावार बढ़ानी होगी. इससे हम महंगाई को कम कर सकते हैं. गन्ना उत्पादक संघ उत्तर प्रदेश की निदेशक मंजू सिंह ने कहा कि यूपी के 60 लाख किसान गन्ना का उत्पादन अत्याधुनिक तरीके से कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी गन्ना उत्पादन की संभावनाएं हैं. यहां की सरकार को गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करना होगा.

धनबाद की ताजा खबरें यहां पढ़ें

मंगलवार को संगोष्ठी का होगा समापन

मौके पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा आदि क्षेत्रों के करीब 100 किसानों को मिट्टी जांच मशीन दी गयी. साथ ही मिट्टी जांच करने का प्रशिक्षण भी दिया गया. कार्यक्रम के मुख्य आयोजक चावल अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर ब्रजेंद्र ने देश-विदेश से आये कृषि वैज्ञानिकों का स्वागत किया. संगोष्ठी का समापन मंगलवार को वेबिनार के साथ होगा. मौके पर रांची के अतिरिक्त आयकर आयुक्त अजय कुमार सिंह, लोकसभा के संयुक्त सचिव जितेंद्र परमार, प्रगतिशील किसान एन लेंका, सतीश कुमार, प्रो दिनेश रजक, गजेंद्र परमार आदि ने भी अपने विचार रखे.

ये भी पढ़ें: सीएम हेमंत सोरेन की हाई लेवल मीटिंग, मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम के लिए अफसरों को दिए निर्देश


विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola