किसान दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मंथन, किसानों को बदलने होंगे खेती-बाड़ी के तरीके

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किसान दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मानित करते

Farmers Day 2024: किसान दिवस पर धनबाद में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान रांची के संयुक्त निदेशक डॉ विजय पाल भडाना ने कहा कि आने वाले दिनों में किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए चुनौती बढ़ेगी.

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Farmers Day 2024 Brainstorming in National Seminar farmers change their farming methods| गोविंदपुर (धनबाद): भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान रांची के संयुक्त निदेशक डॉ विजय पाल भडाना ने कहा कि आनेवाला समय देश के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए चुनौतीपूर्ण है. एक तरफ आबादी लगातार बढ़ रही है और खाद्यान्न की आवश्यकता बढ़ रही है, तो दूसरी ओर खेती की जमीन लगातार घटती जा रही है. शहरीकरण होता जा रहा है. वह सोमवार को किसान दिवस पर गोविंदपुर स्थित कौआबांध में ‘जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि व किसानों के सतत विकास’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में झारखंड जैसे प्रदेश के ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. यहां की खेती मानसून पर निर्भर है. इस चुनौती से निबटने के लिए हमें खेती-बाड़ी के तौर-तरीके को बदलने की जरूरत है.

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किसानों को दी गयी मिट्टी जांच की मशीन


दो दिवसीय इस कार्यक्रम में केवीके संत कबीर नगर यूपी के प्रमुख डॉ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि कृषि उत्पादन लागत को कम करना होगा. तकनीकी प्रयोग से वर्तमान उत्पादन को आगामी वर्षों में चार गुणा करना होगा. अबू धाबी विश्वविद्यालय के मो जावेद ने कहा कि गन्ना उत्पादन को बढ़ाकर चीनी और इथेनॉल की पैदावार बढ़ानी होगी. इससे हम महंगाई को कम कर सकते हैं. गन्ना उत्पादक संघ उत्तर प्रदेश की निदेशक मंजू सिंह ने कहा कि यूपी के 60 लाख किसान गन्ना का उत्पादन अत्याधुनिक तरीके से कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी गन्ना उत्पादन की संभावनाएं हैं. यहां की सरकार को गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करना होगा.

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मंगलवार को संगोष्ठी का होगा समापन

मौके पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा आदि क्षेत्रों के करीब 100 किसानों को मिट्टी जांच मशीन दी गयी. साथ ही मिट्टी जांच करने का प्रशिक्षण भी दिया गया. कार्यक्रम के मुख्य आयोजक चावल अनुसंधान संस्थान हैदराबाद के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर ब्रजेंद्र ने देश-विदेश से आये कृषि वैज्ञानिकों का स्वागत किया. संगोष्ठी का समापन मंगलवार को वेबिनार के साथ होगा. मौके पर रांची के अतिरिक्त आयकर आयुक्त अजय कुमार सिंह, लोकसभा के संयुक्त सचिव जितेंद्र परमार, प्रगतिशील किसान एन लेंका, सतीश कुमार, प्रो दिनेश रजक, गजेंद्र परमार आदि ने भी अपने विचार रखे.

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