ePaper

Dhanbad News: ‘जीवोदया’ परियोजना से होगा नैतिक रेशम उत्पादन

Updated at : 02 Feb 2026 2:42 AM (IST)
विज्ञापन
Dhanbad News: ‘जीवोदया’ परियोजना से होगा नैतिक रेशम उत्पादन

Dhanbad News: कोल इंडिया के सीएसआर सहयोग से आइआइटी बॉम्बे ने विकसित की तकनीक

विज्ञापन

Dhanbad News: संवाददाता, धनबाद. कोल इंडिया के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) सहयोग से संचालित आइआइटी बॉम्बे की पायलट परियोजना ‘जीवोदया’ ने तीन वर्षों के सतत अनुसंधान व विकास के बाद रेशम उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है. इस परियोजना के तहत आइआइटी बॉम्बे के सी-तारा केंद्र ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसमें रेशम उत्पादन के दौरान रेशम के कीड़ों को मारने की जरूरत नहीं होती. यही कारण है कि इसे नैतिक और मानवीय रेशम उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. परियोजना को सफल बनाने में कोल इंडिया की सीएसआर पहल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

पारंपरिक पद्धति से अलग राह

आमतौर पर रेशम निकालने के लिए कोकून को उबाल दिया जाता है, जिससे रेशम के कीड़ों की मृत्यु हो जाती है. ‘जीवोदया’ परियोजना ने इस परंपरागत प्रक्रिया को वैज्ञानिक नवाचार के जरिए चुनौती दी है. लंबे प्रयोगों के बाद रेशम के कीड़ों को कोकून बनाये बिना समतल सतह पर रेशमी धागा बुनने के लिए प्रशिक्षित किया गया है. इससे कीड़े पतंगे में बदलकर अपना प्राकृतिक जीवन चक्र पूरा कर पाते हैं.

‘जीवोदया सिल्क’ नाम दिया गया

मानवीय संवेदना और करुणा के भाव को दर्शाते हुए इस अहिंसक रेशम को ‘जीवोदया सिल्क’ नाम दिया गया है. यह तकनीक रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए आय का एक नया और सतत स्रोत बनेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है.

विज्ञापन
MANOJ KUMAR

लेखक के बारे में

By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola