Dhanbad News: रेस्टोरेंट व फास्ट फूड कॉर्नर में कॅमर्शियल की जगह डोमेस्टिक गैस का हो रहा उपयोग

Published by : ASHOK KUMAR Updated At : 16 Mar 2026 12:04 AM

विज्ञापन

रसोई गैस की कालाबाजारी से बढ़ी परेशानी, 953 का सिलेंडर 1300–1400 में मिल रहा. सुनसान जगहों पर नकद लेकर की जा रही डिलीवरी.

विज्ञापन

शहर में रसोई गैस की किल्लत अब कालाबाजारी में बदलती जा रही है. आम उपभोक्ताओं के लिए जहां गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है, वहीं बिचौलिये इस संकट में मनमानी कीमत वसूल रहे हैं. 953 रुपये का घरेलू एलपीजी सिलेंडर खुलेआम ब्लैक में 1300 से 1400 रुपये में बेचा जा रहा है. प्रशासनिक निगरानी के अभाव में डिलीवरी तंत्र भी बेलगाम होता दिख रहा है.

तीन हजार रुपये में बिक रहा कॅमर्शियल सिलिंडर

गैस की कालाबाजारी का दायरा केवल घरेलू सिलिंडर तक सीमित नहीं है. 19 किलो के कॅमर्शियल सिलिंडर, जिसकी अधिकृत कीमत लगभग 2039 रुपये है, वह ब्लैक मार्केट में तीन हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है. कॅमर्शियल गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. कई दुकानों में तंदूर और नार्थ इंडियन व्यंजन बंद हो गये हैं, जबकि कुछ दुकानदार ब्लैक में गैस खरीद कर काम चला रहे हैं.

ठिकाना बदलकर हो रही डिलीवरी

प्रशासनिक कार्रवाई के डर से कालाबाजारी करने वाले लोग गैस की डिलीवरी मुख्य सड़कों पर नहीं कर रहे हैं. गैस एजेंसी के दफ्तर से दूर सुनसान जगहों या तय स्थान से कुछ दूरी पर सिलिंडर सौंपे जा रहे हैं. वहीं डिलीवरी के दौरान ऑनलाइन भुगतान लेने से भी बच रहे हैं. वे केवल नकद राशि लेकर लेन-देन कर रहे हैं, ताकि कोई डिजिटल रिकॉर्ड न रहे.

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

शहर में गैस की किल्लत और कालाबाजारी के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आयी है. जिला प्रशासन गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर आपूर्ति की समीक्षा जरूर कर रहा है, लेकिन कालाबाजारी रोकने के लिए न तो विशेष टीम गठित की गयी है और न कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है.

खान-पान के कारोबार पर असर

गैस की कमी का असर शहर के खान-पान के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है. कई छोटे फूड आउटलेट्स और ठेले बंद होने की कगार पर पहुंच गये हैं. जिन दुकानदारों ने महंगे दाम पर गैस की व्यवस्था की है, उन्होंने खाने-पीने की चीजों के दाम 10 से 20 रुपये तक बढ़ा दिये हैं.

उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं की बढ़ी भीड़

जिले में करीब दो लाख उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं. इनमें से कई उपभोक्ता लंबे समय से गैस रिफिल नहीं कराते थे, लेकिन किल्लत की खबर के बाद वे भी बुकिंग कराने गैस एजेंसियों तक पहुंचने लगे हैं. इससे बुकिंग व आपूर्ति पर दबाव और बढ़ गया है.

बीपीसीएल एजेंसी के संचालक संतोष कुमार ने कहा कि गैस बुकिंग में लोगों की परेशानी की शिकायत आ रही है. सर्वर पर लोड बढ़ गया है. वैसे ग्राहक जिनके कोटे के 12 में कुछ सिलिंडर बचे है, उन्हें दफ्तर में ऑफ लाइन बुकिंग कराकर सिलिंडर उपलब्ध कराया जाता था लेकिन नयी व्यवस्था के कारण इन पर रोक लगा दी गयी है. रांची में ऑफ लाइन बुकिंग की सुविधा चालू की गयी है लेकिन धनबाद में अब तक ऑफ लाइन सिस्टम बंद रखा गया है.

विज्ञापन
ASHOK KUMAR

लेखक के बारे में

By ASHOK KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola