धरनार्थी सीता देवी, हेमिया देवी आदि ने कहा कि 10 जून को साधु कुमार व मनोज कुमार बाइक शराब ले जा रहे थे, जिसे पकड़ने के लिए सिकंदर तुरी व अन्य युवकों ने रोका. बाइक को शराब सहित थाना ले जाने लगा तो शराब माफियाओं ने थाना प्रभारी को बुला लिया. इसके बाद थाना प्रभारी ने शराब वेकर जा रहे मनोज कुमार, सिकंदर तुरी और रमेश कुमार को थाना ले गये. इसके बाद लोकाय गांव के विजय मंडल ने मध्यस्थता करते हुए तिसरी थाना प्रभारी रंजय कुमार से मोबाइल पर बात की. इसके बाद सिकंदर तुरी के परिजनों से भाजपा नेता सुनील साव ने कहा कि मामला सुलझाने की बात कही. थाना प्रभारी से कहा कि कि सिकंदर तुरी निर्दोष है. आरोप लगाया कि रकम लेने के बाद भी सिकंदर तुरी आदि को नहीं छोड़ा, जबकि 11 जून को मनोज साव को छोड़ दिया गया. महिलाओं ने मुख्यमंत्री के नाम डीसी को भी एक ज्ञापन सौंपा है और थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की है. कहा कि अगर न्याय नहीं मिलता है, तो उनका धरना जारी रहेगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

