किट की कमी से डेंगू जांच पर संकट, SNMMCH में केवल 100 किट शेष
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
जिले में डेंगू जांच व्यवस्था पर गंभीर संकट मंडरा रहा है. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू जांच के लिए केवल 100 किट ही शेष बचे हैं. फंड की कमी के कारण नई खरीदारी नहीं होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है.
जिले में डेंगू जांच व्यवस्था पर एक बार फिर संकट गहराने लगा है. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू जांच के लिए उपलब्ध आइजीजी-आइजीएम किट लगभग समाप्त होने की स्थिति में है. विभाग के पास फिलहाल करीब 100 सैंपलों की जांच के लिए ही किट उपलब्ध है. ऐसे में समय रहते नये किट उपलब्ध नहीं होने पर अगले कुछ दिनों में डेंगू जांच सेवा प्रभावित हो सकती है.
आसपास के जिलों से भी पहुंचते हैं सैंपल
एसएनएमएमसीएच की माइक्रोबायोलॉजी लैब में धनबाद के अलावा आसपास के कई जिलों से भी डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं. वर्तमान में प्रतिदिन 20 से 30 सैंपल जांच के लिए पहुंच रहे हैं. इस दर से उपलब्ध किट चार से पांच दिनों में समाप्त हो सकते हैं. किट खत्म होने की स्थिति में मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ सकता है.
आइडीएसपी से राशि नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अनुसार डेंगू जांच किट की खरीद के लिए इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के माध्यम से राशि उपलब्ध करायी जाती है. विभाग को हर वर्ष करीब दो लाख रुपये की राशि मिलती थी, लेकिन इस बार अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है. इसके कारण नये किट की खरीदारी नहीं हो सकी है और उपलब्ध स्टॉक तेजी से कम हो रहा है.
बरसात के मौसम में बढ़ी चिंता
बरसात के मौसम में डेंगू संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे समय में जांच सेवा प्रभावित होने की आशंका से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है. डेंगू के संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और पुष्टि होने से उपचार शुरू करने के साथ बीमारी की निगरानी में भी मदद मिलती है. जांच व्यवस्था बाधित होने पर सर्विलांस और नियंत्रण अभियान भी प्रभावित हो सकते हैं.
जल्द किट उपलब्ध होने की उम्मीद
विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही आवश्यक राशि उपलब्ध हो जायेगी, जिसके बाद नये जांच किट की खरीदारी कर डेंगू जांच सेवा को निर्बाध रूप से जारी रखा जा सकेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










