कोल इंडिया के अधिकारियों के लिए 'गुड न्यूज', 2024-25 के परफॉर्मेंस स्कोर को मिली हरी झंडी

कोल इंडिया
Coal India CFD Meeting: कोल इंडिया की 416वीं सीएफडी बैठक में सहायक कंपनियों के एमओयू स्कोर को मंजूरी दे दी गई है. एनसीएल, डब्ल्यूसीएल और एमसीएल ने 'एक्सीलेंट' श्रेणी हासिल की है, जबकि कोल इंडिया को 'वैरी गुड' रेटिंग मिली है. देखिये, आपकी कंपनी का स्कोर क्या है और कब शुरू होगा पीआरपी का भुगतान.
Coal India CFD Meeting, धनबाद, (मनोहर कुमार): कोयला क्षेत्र के अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है कि कोल इंडिया की 416वीं कमेटी ऑफ फंक्शनल डायरेक्टर्स (सीएफडी) की 26 मार्च को हुई बैठक में, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सहायक कंपनियों के एमओयू प्रदर्शन मूल्यांकन को मंजूरी दे दी गई है. इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कंपनियों द्वारा प्रस्तुत स्व-मूल्यांकन स्कोर और समिति द्वारा सत्यापित अंतिम अंकों की गहन समीक्षा की गई. कोल इंडिया का समेकित एमओयू स्कोर 84.46 दर्ज किया गया है, जिसके आधार पर महारत्न कंपनी को ‘वैरी गुड’ रेटिंग प्रदान की गई है. इसके साथ ही सभी सहायक कंपनियों ने अपनी परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन रिपोर्ट (पीईआरएस) जमा कर दी है, जिन्हें समिति ने अंतिम रूप दे दिया है.
इन कंपनियों का प्रदर्शन रहा ‘एक्सीलेंट’
मूल्यांकन रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, एनसीएल (NCL), डब्ल्यूसीएल (WCL), एमसीएल (MCL) और सीएमपीडीआईएल (CMPDIL) ने ‘एक्सीलेंट’ श्रेणी में स्थान हासिल कर अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाया है. विशेष रूप से सीएमपीडीआईएल ने 98.23 के स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. वहीं, झारखंड की प्रमुख कंपनियों बीसीसीएल (BCCL) और सीसीएल (CCL) ने क्रमशः 84.08 और 86.93 अंकों के साथ ‘वैरी गुड’ रेटिंग प्राप्त की है, जो उनके स्थिर प्रदर्शन को दर्शाता है. दूसरी ओर, ईसीएल (ECL) को मात्र 57.59 अंकों के साथ ‘गुड’ रेटिंग मिली है, जो स्पष्ट संकेत है कि कंपनी के परिचालन और उत्पादकता में सुधार की तत्काल आवश्यकता है.
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PRP भुगतान की दिशा में अगला कदम
सीएफडी की इन सिफारिशों के बाद, अब संबंधित स्कोर और रेटिंग्स को सहायक कंपनियों के बोर्ड के पास अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा. बोर्ड की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद, इस प्रस्ताव को कोल इंडिया बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा, जिसके पश्चात अधिकारियों के परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) के भुगतान की प्रक्रिया विधिवत शुरू कर दी जाएगी. गौरतलब है कि कोल इंडिया में अधिकारियों के आर्थिक लाभ का सीधा निर्धारण इन्हीं एमओयू स्कोर्स और रेटिंग के आधार पर होता है. ‘एक्सीलेंट’ रेटिंग पाने वाली कंपनियों के अधिकारियों को वित्तीय लाभ अधिक मिलता है, जबकि ‘गुड’ या उससे कम रेटिंग होने पर पीआरपी की राशि आनुपातिक रूप से घट जाती है.
प्रमुख कंपनियों की रेटिंग (2024-25)
ईसीएल – 57.59 (गुड)
बीसीसीएल – 84.08 (वैरी गुड)
सीसीएल – 86.93 (वैरी गुड)
एसईसीएल – 76.78 (वैरी गुड)
एनसीएल – 90.92 (एक्सीलेंट)
डब्ल्यूसीएल – 90.17 (एक्सीलेंट)
एमसीएल – 90.61 (एक्सीलेंट)
सीएमपीडीआईएल – 98.23 (एक्सीलेंट)
कोल इंडिया – 84.46 (वैरी गुड)
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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