BBMKU Youth Festival: धनबाद के बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव, प्रतिभा से छात्रों ने मोहा मन

Updated at : 21 Dec 2024 9:54 PM (IST)
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BBMKU Youth Festival: युवा महोत्सव में कला का प्रदर्शन करते विद्यार्थी

BBMKU Youth Festival: युवा महोत्सव में कला का प्रदर्शन करते विद्यार्थी

BBMKU Youth Festival: धनबाद के बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में पांचवें युवा महोत्सव 'अंतर्नाद-2024' का आयोजन किया जा रहा है. दूसरे दिन म्यूजिक, मस्ती, कला और शानदार अभिनय से छात्रों ने लोगों का मन मोह लिया.

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BBMKU Youth Festival: धनबाद-बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पांचवें युवा महोत्सव ‘अंतर्नाद-2024’ का दूसरा दिन सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों से सराबोर रहा. शनिवार को हुए 13 इवेंट के दौरान म्यूजिक, मस्ती, कला, संस्कृति और शानदार अभिनय की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया. गुरु नानक धनबाद की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि उन्हें प्रेरित भी किया. दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण लाइट वोकल इंडियन, क्लासिकल वोकल सोलो, स्किट, और वन-एक्ट प्ले जैसी प्रस्तुतियां रहीं.

स्किट प्रतियोगिता में सात कॉलेजों ने लिया हिस्सा


गुरु नानक कॉलेज ने ‘अनाचार-अनीति’ शीर्षक से यातायात में व्याप्त भ्रष्टाचार और सामाजिक भेदभाव पर आधारित एक सशक्त स्किट प्रस्तुत किया. यह प्रस्तुति दिखाती है कि कैसे पूंजीपतियों का आधिपत्य निम्न वर्ग को नुकसान पहुंचाता है. पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज ने ‘यम्मा-यम्मा’ शीर्षक हास्य व्यंग्य नाटक के माध्यम से साक्षरता की समस्या पर चोट की. इस नाटक में यमलोक की काल्पनिक पृष्ठभूमि ने इसकी प्रस्तुति को और रोचक बना दिया था. एसएसएलएनटी महिला कॉलेज ने ‘आत्माओं की अदालत’ शीर्षक स्किट के माध्यम से युवाओं के भटकाव को दर्शाया. इस स्किट में युवा अपनी गलत आदतों के कारण दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं या फिर आत्महत्या कर रहे हैं. बोकारो स्टील सिटी कॉलेज ने वृद्ध-विमर्श पर आधारित एक भावनात्मक प्रस्तुति दी. इस स्किट में वृद्ध की समस्याओं और उनके संघर्ष को दिखाया गया.

वन-एक्ट प्ले में समाज की समस्याओं पर विचार


वन-एक्ट प्ले में चार कॉलेजों ने हिस्सा लिया. इन प्रस्तुतियों ने समाज के विभिन्न पहलुओं को छूते हुए दर्शकों को सोचने पर विवश किया. गुरु नानक महाविद्यालय ने ‘आखिर कब तक?’ शीर्षक से एक सच्ची राजस्थानी कहानी प्रस्तुत की. इस नाटक में फ्लैशबैक तकनीक का उपयोग करते हुए रूप कंवर के संघर्ष और उसकी मनोदशा को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया. इस प्रस्तुति ने महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का संदेश दिया. पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज की टीम ने ‘मैं सिर्फ देह नहीं’ शीर्षक एकांकी के माध्यम से पौराणिक स्त्री पात्रों के जरिए स्त्री विमर्श की प्रासंगिकता और उनके संघर्ष को प्रस्तुत किया. इन प्रस्तुतियों ने सामाजिक समस्याओं को उजागर करते हुए उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला.

दूसरे मंच पर वाद-विवाद और भाषण कला


दूसरे मंच पर एल्क्युशन और डिबेट प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी. वाद-विवाद में आठ कॉलेजों ने भाग लिया. प्रतिभागियों ने अपने तर्कों से न केवल निर्णायकों को प्रभावित किया, बल्कि दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर किया. एल्क्युशन प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी अभिव्यक्ति और भाषा कौशल का प्रदर्शन किया. प्रतिभागियों ने समसामयिक और सांस्कृतिक विषयों पर विचार प्रस्तुत किया.

तीसरे और चौथे मंच पर कला और फोटोग्राफी का जलवा


तीसरे मंच पर रंगोली और इंस्टॉलेशन प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी. इन कार्यक्रमों में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक दृष्टिकोण का शानदार प्रदर्शन किया. रंगोली में विविध रंगों और डिज़ाइनों का अद्भुत संगम देखने को मिला. चौथे मंच पर कोलाज, कार्टूनिंग और स्पॉट फोटोग्राफी की प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी. स्पॉट फोटोग्राफी में प्रतिभागियों ने विषयों की सुंदरता को अपनी लेंस के माध्यम से कैद किया. कोलाज और कार्टूनिंग में छात्रों ने अपनी कल्पनाशक्ति और तकनीकी कौशल से सबको प्रभावित किया.

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निर्णायक मंडल का हुआ था गठन


प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक सशक्त निर्णायक मंडल का गठन किया गया था. स्किट और वन-एक्ट प्ले में राजीव कुमार, राजेंद्र प्रसाद, और कमलेश पांडेय ने निर्णायक की भूमिका निभायी. उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया ने छात्रों को अपनी प्रस्तुतियों को और बेहतर बनाने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कला और संस्कृति बोर्ड के सदस्य, पोस्ट ग्रेजुएट विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक, और विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य और टीम मैनेजर्स उपस्थित रहे. गुरु नानक कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष सरदार आरएस चहल पूरे कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहें. मंच संचालन प्रो डॉ वर्षा सिंह, प्रो पुष्पा तिवारी, प्रो सिमरन श्रीवास्तव, और प्रो सिमरन छाबड़ा ने किया. दूसरे दिन का संपूर्ण कार्यक्रम गुरु नानक कॉलेज की आयोजन समिति के अध्यक्ष सब प्राचार्य डॉ संजय प्रसाद और आयोजन सचिव प्रो दीपक कुमार के साथ कॉलेज के सभी शिक्षक इस आयोजन को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.

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अंतिम दिन रविवार को होंगे तीन इवेंट


यह तीन दिवसीय युवा महोत्सव रविवार को पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हो जायेगा. अंतिम दिन तीन इवेंट होंगे. इसमें क्विज का फाइनल के साथ क्लासिकल डांस और फोक डांस होगा. सभी इवेंट के बाद समापन समारोह होगा. समापन समारोह में विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार वितरण किया जायेगा. इसमें विजेताओं को जनवरी में होने वाले जोनल युवा महोत्सव में शामिल होने का मौका मिलेगा.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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