Dhanbad News: बीबीएमकेयू में यूजी नामांकन शुरू, पर नये विषयों में अभी प्रवेश पर रोक

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Dhanbad News: स्नातक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू, यूजी में 43 हजार से अधिक सीटें हैं उपलब्ध, आवेदन से पहले अपार आइडी बनाना अनिवार्य.

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धनबाद, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) में स्नातक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए सोमवार से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गयी है. चांसलर पोर्टल खुलते ही विद्यार्थियों ने आवेदन करना शुरू कर दिया. पहले दिन शाम तक 250 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए. हालांकि इस बार नामांकन प्रक्रिया की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में प्रस्तावित नये विषयों में अभी नामांकन नहीं लिया जा रहा है. बीबीएमकेयू के अधीन इस वर्ष यूजी सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए 43 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं. इनमें 13 अंगीभूत कॉलेजों में 21,840 सीटें निर्धारित हैं. विश्वविद्यालय के एकमात्र अल्पसंख्यक कॉलेज गुरुनानक कॉलेज में 1,374 सीटें हैं. इसके अलावा 19 संबद्ध कॉलेजों में 20 हजार से अधिक सीटों पर नामांकन लिया जायेगा. विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऑनलाइन आवेदन से पहले अपार आइडी बनाना अनिवार्य होगा. बिना अपार आइडी के किसी भी छात्र या छात्रा का आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा. नामांकन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पांच जुलाई निर्धारित की गयी है.

चास कॉलेज में सबसे अधिक सीटें

अंगीभूत कॉलेजों में सबसे अधिक 2,430 सीटें चास कॉलेज, चास में उपलब्ध हैं. इसके अलावा आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर में 2,380, पीके राय मेमोरियल कॉलेज में 2,140 और एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में 2,030 सीटें हैं. वहीं सबसे कम 900-900 सीटें डिग्री कॉलेज झरिया, डिग्री कॉलेज गोमिया और डिग्री कॉलेज टुंडी में निर्धारित की गई हैं. अन्य कॉलेजों में पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज में 2140, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में 2030, आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर में 2380, कतरास कॉलेज में 1890, बीएसके कॉलेज मैथन में 1890, सिंदरी कॉलेज सिंदरी में 1560, आरएसपी कॉलेज 1460, बीएस सिटी कॉलेज बोकारो 1800, केबी कॉलेज बेरमो में 1560 सीट है.

विश्वविद्यालय ने कॉलेजों पर छोड़ा फैसला

विश्वविद्यालय प्रशासन ने नये विषयों में नामांकन शुरू करने का निर्णय संबंधित कॉलेजों पर छोड़ दिया है. यदि कोई कॉलेज अपने संसाधनों से नये विषयों का संचालन करने में सक्षम है, तो उसके आग्रह पर नामांकन शुरू किया जा सकता है. लेकिन अब तक किसी भी अंगीभूत कॉलेज ने नये विषयों में प्रवेश लेने की सहमति नहीं दी है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण योग्य शिक्षकों की अनुपलब्धता बतायी जा रही है.

नये विषयों की सीटें लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में समायोजित, कुल सीटों में नहीं हुई कमी

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन नये विषयों में फिलहाल नामांकन नहीं लिया जा रहा है, उनकी सीटों को अन्य अधिक लोकप्रिय और मांग वाले विषयों में समायोजित कर दिया गया है. इससे विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कुल सीटों की संख्या में कोई कमी नहीं आयी है. विश्वविद्यालय का प्रयास है कि सीटें खाली न रहें और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नामांकन का अवसर मिले.

तीन कॉलेजों में संबद्धता नहीं मिलने से रुका नामांकन

अभी धनबाद व बोकारो के 13 अंगीभूत कॉलेजों, एक अल्पसंख्यक कॉलेज और 19 संबद्ध कॉलेजों में नामांकन के लिए आवेदन लिये जा रहे हैं. वहीं मेहंदी बाउरी डिग्री कॉलेज चंदनकियारी, एनपी संध्या कालीन कॉलेज बोकारो और बोकारो थर्मल डिग्री कॉलेज में अभी नामांकन शुरू नहीं किया गया है. इन कॉलेजों को सत्र 2026-30 के लिए अभी तक संबद्धता प्राप्त नहीं हुई है. संबद्धता मिलने के बाद ही यहां प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी. आरपीएस कॉलेज, चंद्रपुरा को सात विषयों में अस्थायी संबद्धता प्राप्त है. इसके बावजूद वहां भी अभी नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी है. विश्वविद्यालय का कहना है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इन विषयों में प्रवेश लिया जायेगा.

बीसीए और बीबीए कोर्स को मान्यता का इंतजार

जिन कॉलेजों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम बीसीए और बीबीए संचालित करने का प्रस्ताव है, वहां भी फिलहाल नामांकन शुरू नहीं हुआ है. इन पाठ्यक्रमों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीइ) की स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इससे इन कोर्सों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है.

विद्यार्थियों को नये विषयों में पढ़ाई के लिए अभी इंतजार करना होगा

बीबीएमकेयू की डीएसडब्ल्यू डॉ पुष्पा कुमारी ने बताया कि अभी बीबीएमकेयू के अंगीभूत कॉलेजों में प्रस्तावित नये विषयों में फिलहाल प्रवेश नहीं लिया जा रहा है. यह निर्णय कॉलेजों पर छोड़ा गया है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण कोई भी कॉलेज इन विषयों की पढ़ाई शुरू करने को तैयार नहीं हुआ है. यही वजह है कि नये विषयों की सीटों को अन्य लोकप्रिय विषयों में समायोजित कर दिया गया है. इससे कुल सीटों की संख्या तो बरकरार है, लेकिन विद्यार्थियों को नये विषयों में पढ़ाई के लिए अभी इंतजार करना होगा.

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ANAND KUMAR UPADHYAY

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

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