AK Roy Jayanti: बाहरी और भीतरी से नहीं पड़ता फर्क, आपके लिए कौन लड़ रहा ये है महत्वपूर्ण, धनबाद में बोले दीपांकर भट्टाचार्य

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मंचासीन दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य

AK Roy Jayanti: धनबाद के जगजीवन नगर में आयोजित सभा में बतौर मुख्य अतिथि माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बाहरी और भीतरी से फर्क नहीं पड़ता. आपके लिए कौन लड़ रहा है यह महत्वपूर्ण है. यहां की जनता ने भाजपा के मंसूबे को नाकाम किया है. वह एके राय की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने धनबाद पहुंचे थे.

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AK Roy Jayanti: धनबाद-बाहरी और भीतरी से कोई फर्क नहीं पड़ता है. आप के लिए कौन लड़ रहा यह महत्वपूर्ण है. झारखंड में भाजपा के मंसूबे को यहां की जनता ने नाकाम किया है. वे बांग्लादेशियों के नाम पर लड़ना चाहते थे. ये बातें माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहीं. वह रविवार को एके राय की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. जगजीवन नगर में आयोजित सभा में बतौर मुख्य अतिथि ने कहा कि 14 जून को उन्होंने महान क्रांतिकारी चे ग्वेरा को याद किया था. आज 15 जून को एके राय को याद कर रहे हैं. जनता के बीच क्रांतिकारियों को काम करने के लिए किसी भौगोलिक बाधा नहीं झेलनी पड़ती है क्योंकि जनता की चेतना जब बढ़ जाती है, तो वह सारी दुविधाओं और बाधाओं को दूर फेंक देती है. आज कॉमरेड एके राय की जयंती (15 जून) पर उन्हें याद किया गया.

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एयर इंडिया प्लेन क्रैश के बहाने केंद्र पर हमला


माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने एयर इंडिया प्लेन क्रैश की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इस दुर्घटना के कारणों को जांच के बाद अगले तीन माह के अंतराल पर उजागर किये जाने की बात की है, लेकिन एक तो बात साफ है कि हवाई अड्डा अडानी के नियंत्रण में है और एयर इंडिया कंपनी को सरकार ने टाटा के हाथों बेच दिया है. इससे स्पष्ट है कि निजीकरण और अपने चहेतों को राष्ट्रीय संपत्ति लूटने की छूट देना वर्तमान शासक वर्ग का नियमित काम रह गया है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी देश ने नहीं दिया साथ


दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि एक राय की प्रतिमा सिर्फ एक पत्थर की मूर्ति नहीं है. यह हमेशा याद दिलाती रहेगी कि हमें आज के दौर में किस रास्ते पर चलना है. विकास का गुणगान करने वाली सरकार कॉरपोरेट घरानों के आगे झुकी हुई है. आजाद देश होने के बाद भी ट्रंप के इशारों पर काम हो रहा है. ऑपरेशन सिंदूर को ट्रंप के कहने पर बंद किया गया. देश की विदेश नीति कैसे काम कर रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नेपाल तक भारत के साथ खड़ा नहीं हुआ. वक्फ बोर्ड मामले में उन्होंने कहा कि उनकी जमीनों को किसे देना चाहती है, यह जगजाहिर है. देश में आज अस्थायी आपातकाल ने सभी को घेर रखा है. भाजपा के नेताओं के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन कोई दूसरा विरोध भी करे, तो उन्हें जेल भेज दिया जाता है.

देशव्यापी एकजुटता कार्यक्रम 17 जून को


माले के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि पांचों वाम पार्टियों ने निर्णय लिया है कि फिलिस्तीनी जनता के साथ वामदलों का देशव्यापी एकजुटता कार्यक्रम 17 जून को होगा. धनबाद में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाये. उन्होंने कहा कि मजदूरों को गुलाम बनाने वाली चार संहिता वाले श्रम कानून के खिलाफ श्रमिक संगठनों की ओर से आयोजित नौ जुलाई की देशव्यापी आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाना होगा.

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