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बार -बार अचेत हो रही थी नीरज सिंह की पत्नी , कहा - अब हम भी नहीं बचेंगे, आप क्यों चले गये

Updated at : 23 Mar 2017 7:30 AM (IST)
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बार -बार अचेत हो रही थी नीरज सिंह की पत्नी , कहा - अब हम भी नहीं बचेंगे, आप क्यों चले गये

धनबाद. अब हम भी नहीं बचेंगे, अकेले जी कर क्या करेंगे. …आप क्यों चले गये. यह कह नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह बार-बार अचेत हो जा रही थी. सात दिसंबर 2012 को नीरज एवं पूर्णिमा की शादी वाराणसी में हुई थी. महज चार वर्ष तीन माह के बाद ही उनका दांपत्य जीवन छूट गया. […]

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धनबाद. अब हम भी नहीं बचेंगे, अकेले जी कर क्या करेंगे. …आप क्यों चले गये. यह कह नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह बार-बार अचेत हो जा रही थी. सात दिसंबर 2012 को नीरज एवं पूर्णिमा की शादी वाराणसी में हुई थी. महज चार वर्ष तीन माह के बाद ही उनका दांपत्य जीवन छूट गया. होश आने पर फिर पति के शव से लिपट कर रोने लग रही थी. परिवार की महिला सदस्य उन्हें सांत्वना देने में लगी रहीं. उन्हें बार-बार हटा कर अंदर ले जाया जा रहा था. इस दृश्य को देख कर वहां मौजूद हर लोगों की आंखों में आंसू आ गये. पूर्णिमा के मायके से आये परिजन भी उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे.

काहे चल गइला हो बबुआ: नीरज सिंह की मां सरोजनी देवी का भी रो-रो कर हाल बुरा था. बार-बार विलाप कर रही थी-काहे चल गइल हो बबुआ, अब केकरा भरोसे जीइब. हे भगवान हमरा के काहे न उठा ले ल. अब हमहूं ना जीअब… . कल बेटे के कातिलों को दहाड़-दहाड़ कर चुनौती देने वाली मां आज पूरी तरह टूटी हुई नजर आ रही थी. उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे.
बहन पल्लवी के इंतजार में रुकी शव यात्रा : नीरज सिंह की मौसेरी बहन पल्लवी के इंतजार में शव यात्रा लगभग दो घंटे विलंब से शुरू हुई. नयी दिल्ली के एक अस्पताल में नौकरी कर रही डॉ पल्लवी से नीरज सिंह बहुत स्नेह करते थे. पिछले दिनों पल्लवी के आग्रह पर होली में भी नीरज सिंह अपनी पत्नी के साथ दिल्ली गये थे. अपने जीवन की आखिरी होली उन्होंने नयी दिल्ली में ही खेली. आज पल्लवी दिल्ली से कोलकाता के रास्ते धनबाद पहुंची. उनके यहां पहुंचने के बाद ही रघुकुल से शव यात्रा शुरू हुई. पल्लवी के पिता संजय सिंह, जिनकी हत्या वर्ष 1996 में हो गयी थी, का मेडिकल में भी एडमिशन कराने में नीरज की बड़ी भूमिका थी. दोनों भाई-बहन एक-दूसरे पर जान-छिड़कते थे. भाई के शव को देख कर पल्लवी फफक-फफक कर रो पड़ी.
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