बार -बार अचेत हो रही थी नीरज सिंह की पत्नी , कहा - अब हम भी नहीं बचेंगे, आप क्यों चले गये

धनबाद. अब हम भी नहीं बचेंगे, अकेले जी कर क्या करेंगे. …आप क्यों चले गये. यह कह नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह बार-बार अचेत हो जा रही थी. सात दिसंबर 2012 को नीरज एवं पूर्णिमा की शादी वाराणसी में हुई थी. महज चार वर्ष तीन माह के बाद ही उनका दांपत्य जीवन छूट गया. […]
धनबाद. अब हम भी नहीं बचेंगे, अकेले जी कर क्या करेंगे. …आप क्यों चले गये. यह कह नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह बार-बार अचेत हो जा रही थी. सात दिसंबर 2012 को नीरज एवं पूर्णिमा की शादी वाराणसी में हुई थी. महज चार वर्ष तीन माह के बाद ही उनका दांपत्य जीवन छूट गया. होश आने पर फिर पति के शव से लिपट कर रोने लग रही थी. परिवार की महिला सदस्य उन्हें सांत्वना देने में लगी रहीं. उन्हें बार-बार हटा कर अंदर ले जाया जा रहा था. इस दृश्य को देख कर वहां मौजूद हर लोगों की आंखों में आंसू आ गये. पूर्णिमा के मायके से आये परिजन भी उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




