धनबाद : सीएमपीएफ के अंशधारी कोलकर्मियों के लिए साल 2018-19 के लिए 8.60 प्रतिशत ब्याज दर तय की गयी. सीएमपीएफ का फंड मैनेजमेंट अब एसबीआइ एवं यूटीआइ करेंगे. पहले यह काम एसबीआइ समेत कुछ निजी कंपनियों के जिम्मे था. यह फैसला शुक्रवार को कोलकाता में हुई सीएमपीएफ ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में लिया गया. बैठक में पेंशन की अधिकतम सीलिंग व 30 की गणना पर जिच बरकरार रही.
सरकार ने बढ़ाया अंशदान
इस दौरान पेंशन फंड की मजबूती के लिए कोल इंडिया से कोयले पर 10 रु प्रति टन सहयोग राशि देने का प्रस्ताव कोयला मंत्रालय को भेजने का निर्णय हुआ. अनुमान किया जाता है कि इससे लगभग 700 करोड़ रुपये का फंड जमा होगा. अनुमति के बाद कोल इंडिया राशि देती है, तो पेंशन भुगतान की नियमितता पर ब्रेक नहीं लगेगा. फिलहाल कोल कर्मी एवं प्रबंधन पेंशन में 7-7 प्रतिशत का अंशदान करते हैं.
विदित हो कि अब कोलकर्मियों की पेंशन में केंद्र सरकार 26.56 रुपये का अंशदान की जगह 249 रुपया प्रतिमाह के हिसाब से अंशदान देगी. सीएमपीएफ के लगभग 115 हजार करोड़ फंड के 80 प्रतिशत का प्रबंधन यूटीआइ और 20 प्रतिशत का प्रबंधन एसबीआइ करेगा. इस दौरान दिवालिया हो चुके डीएचएफएल, एयर इंडिया में निवेश वापसी पर सहमति बनी. सीएमपीएफ कर्मियों की कैडर स्कीम के लिए एक कमेटी गठन का फैसला लिया गया.
