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यूपीए में आसान नहीं होगा सीटों का बंटवारा

Updated at : 16 Sep 2019 8:20 AM (IST)
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यूपीए में आसान नहीं होगा सीटों का बंटवारा

धनबाद : इस वर्ष झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कोयलांचल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. भाजपा को रोकने के लिए यहां यूपीए में सीटों के बंटवारा को लेकर मंथन शुरू हो गया है. सीटों के बंटवारा में मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) को शामिल करने को लेकर पेंच फंसा हुआ है. […]

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धनबाद : इस वर्ष झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कोयलांचल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं. भाजपा को रोकने के लिए यहां यूपीए में सीटों के बंटवारा को लेकर मंथन शुरू हो गया है. सीटों के बंटवारा में मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) को शामिल करने को लेकर पेंच फंसा हुआ है.

क्या है स्थिति : धनबाद जिला में छह विधानसभा सीटों में से धनबाद, झरिया, सिंदरी एवं बाघमारा पर भाजपा का कब्जा है. टुंडी पर भाजपा के सहयोगी दल आजसू तथा निरसा पर विपक्षी दल मासस का कब्जा है. इस बार भी यहां भाजपा एवं आजसू के बीच गठबंधन हो चुका है. जबकि यूपीए में अभी गठबंधन का पेंच फंसा हुआ है.
वैसे माना जा रहा है कि यहां कांग्रेस, झामुमो एवं राजद के बीच गठबंधन हो सकता है. मासस भी यूपीए के साथ चुनाव लड़ सकती है. हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में यहां मासस ने यूपीए प्रत्याशी को समर्थन दिया था. मासस नेताओं ने लोस चुनाव में यूपीए प्रत्याशी कीर्ति आजाद के पक्ष में खुल कर प्रचार किया था. बूथ मैनेजमेंट तक में शामिल थे.
निरसा, सिंदरी पर झामुमो, मासस दोनों का दावा
यूपीए में सीट बंटवारे में परेशानी आ सकती है. यहां धनबाद, झरिया से जहां कांग्रेस प्रत्याशी के लड़ने की पूरी उम्मीद है. वहीं टुंडी सीट झामुमो के कोटा में जाना तय है. बाघमारा सीट पर भी बहुत जिच होने की उम्मीद नहीं है. मुख्य रूप से मामला निरसा एवं सिंदरी सीट को लेकर है.
निरसा से विधायक अरूप चटर्जी मासस के दिग्गज नेता हैं. यहां से झामुमो के अशोक मंडल भी पिछली बार तीसरे स्थान पर थे. वे भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. झामुमो भी इस सीट को छोड़ना नहीं चाहता.
इसी तरह सिंदरी सीट पर मासस के केंद्रीय अध्यक्ष आनंद महतो चार बार विधायक रह चुके हैं. साथ ही चार बार से लगातार चुनाव हार भी रहे हैं. पिछली बार दूसरे नंबर पर थे. यहां से झामुमो के मनु आलम तीसरे स्थान पर थे. झामुमो भी इस सीट को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. अगर यहां झामुमो, मासस, कांग्रेस मिल कर चुनाव लड़े तो भाजपा की परेशानी बढ़ सकती है.
सभी दल लगे हैं तैयारी में
यूपीए में शामिल सभी प्रमुख दल विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गये हैं. कांग्रेस जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार पार्टी यहां अकेले या गठबंधन दोनों स्थिति में चुनाव लड़ने को तैयार है. बूथ कमेटियों का गठन किया जा रहा है. वहीं झामुमो भी यहां चुनाव को लेकर तैयारी में लगी है. पार्टी के जिलाध्यक्ष रमेश टुडू कहते हैं कि लोगों का रुझान झामुमो की तरफ बढ़ा है. हाल ही में बदलाव यात्रा कार्यक्रम की सफलता से पार्टी यहां उत्साहित है.
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