धनबाद : बिहार के बक्सर की एक नाबालिग कतरास की अपनी लड़की गर्ल फ्रेंड के लिए घर छोड़ कर चली आयी. फिलहाल वह सीएलडब्ल्यूसी के पास है. उसके घर वालों को सूचना दे दी गयी है. वह अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ रहने की जिद पर अड़ी है. सीडब्ल्यूूसी में दोनों से पूछताछ की गयी. विदित हो कि नये कानून के दो लड़कियां शादी कर सकती है.
सुबह पहुंची ट्रेन से
बक्सर की नाबालिग लड़की गुरुवार सुबह धनबाद पहुंची. उसने आरपीएफ के एक जवान से फोन पर कतरास की लड़की से बात कराने का आग्रह किया. उसने सहेली का नाम सूरज बताया, ताकि जवान को शक न हो. लेकिन जवान को कुछ गड़बड़ लगा और उसे रेलवे चाइल्ड लाइन की प्रतिनिधि सीता कुमारी के हवाले कर दिया. सीता उसे लेकर बाल कल्याण समिति पहुंची. जहां दोनो एक दूसरे के साथ रहने की जिद पर अड़े रहे.
देवघर में शुरू हुई थी प्रेम कहानी
दोनों की प्रेम कहानी इसी वर्ष सावन में शुरू हुई थी. नाबालिग ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ जल चढ़ाने देवघर गयी थी. इसी बीच लक्ष्मण झूला के पास कैंप में खाना खाने के दौरान वह कतरास की लड़की की ओर आकर्षित हो गयी. बक्सर की नाबालिग ने कलम से कतरास की लड़की के हाथ पर अपने मोबाइल नंबर लिख दिया. इसके बाद दोनों के बीच फोन पर घंटों बात होने लगी. कतरास की लड़की सूरज बनकर ही बात करती रही. नाबालिग ने बताया कि बुधवार को सूरज के बुलाने पर वह बक्सर से पटना पहुंची और इसके बाद गंगा दामोदर एक्सप्रेस से धनबाद पहुंची.
समलैंगिकता अपराध नहीं, मगर बालिग होना चाहिए
सीडब्ल्यूसी की सदस्य पूनम सिंह के साथ अन्य पदाधिकारियों ने दोनो की काउंसिलिंग की लेकिन दोनों सब कुछ जानने के बाद भी साथ रहने की जिद पर अड़े हैं. पूनम सिंह का कहना है कि हालांकि समलैंगिकता अपराध नहीं है लेकिन एक लड़की के नाबालिग होने से उसके परिजनों को बुलाया गया है. वहीं कतरास की बालिग लड़की को 30 अक्टूबर को जरूरी दस्तवेजों के साथ बुलाया गया है.
