धनबाद : थमने का नाम नहीं ले रहा है बिजली संकट

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14 से 15 घंटे की हो रही लोड शेडिंग, सुधार की नहीं दिख रही उम्मीद धनबाद : जिले में बिजली संकट बदस्तूर जारी है. चार माह पूर्व जब डीवीसी ने बकाया राशि व कोयले की कमी का हवाला देकर चार-पांच घंटे की लोड शेडिंग शुरू की थी. उसके बाद यह सात-आठ घंटे पर पहुंची और […]

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14 से 15 घंटे की हो रही लोड शेडिंग, सुधार की नहीं दिख रही उम्मीद
धनबाद : जिले में बिजली संकट बदस्तूर जारी है. चार माह पूर्व जब डीवीसी ने बकाया राशि व कोयले की कमी का हवाला देकर चार-पांच घंटे की लोड शेडिंग शुरू की थी. उसके बाद यह सात-आठ घंटे पर पहुंची और अब यह 12 से 14 घंटे तक पहुंच गयी है. डीवीसी के प्रवक्ता एम विजय बताते हैं कि प्रोडक्शन में प्रतिदिन कमी आ रही है.
अगर जल्द डीवीसी को बकाया राशि नहीं मिली तो ऐसा भी हो सकता है कि लोग बिजली को एक सपने की तरह देखेंगे. बताते चलें कि पिछले चार दिनों में शहरी क्षेत्रों में रोज 13-14 घंटे करके बिजली काटी गयी है. शनिवार को शहरी क्षेत्रों में 15 घंटे से अधिक बिजली काटी गयी. इसमें पाथरडीह फीडर, गोधर के दोनों फीडर और गणेशपुर के दोनों फीडर शामिल है. इसमें सबसे ज्यादा गणेशपुर में लोड शेडिंग की गयी है.
गणेशपुर फीडर से शनिवार के दिन में आठ घंटे बिजली काटी गयी. इसमें मनईटांड़, भूली व खरीकाबाद आदि क्षेत्र प्रभावित हुए. सुबह 6:25 में पहली बार बिजली कटी तो 9:25 में आयी. उसके बाद दोपहर 12:00 बजे बिजली कटी और अपराह्न 3:00 बजे आयी. दोबारा शाम को 6:00 बजे फिर से लोड शेडिंग कर दी गयी और रात 8:00 बजे आयी.
रात बाकी है. गोधर के दोनों फीडर में पूर्वाह्न 10:30 में बिजली काटी और 1:30 बजे आयी. इस कारण शहर के बैंक मोड़, वासेपुर, हीरापुर, एलसी रोड, धैया, पार्क मार्केट आदि के लोग संकट से जूझते रहे. सरायढेला में भी बिजली ने खूब परेशान किया. सुबह 8:00 से 10:00 , दोपहर 12:00 से 2:00 और अपराह्न 3:00 से 4:00 तक बिजली काटी गयी.
पढ़ाई-लिखाई हो रही बाधित
दो घंटे भी एक साथ बिजली नहीं रहती. जब भी पढ़ाई करने बैठती हूं बिजली चली जाती है. अगर रिजल्ट खराब हो जाये तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा?
प्राची कुमारी
मुख्यमंत्री बोलते है कि 2022 में बिजली ठीक होगी. इस तरह के जवाब से हानि लोगों को हो रही है. पढ़ाई-लिखाई सब बाधित हो गयी है.
सदफ इजाज
अब तो लगता है कि बिजली एक ख्वाब है. सपने में भी लगता है कि बिजली आ गयी है. आंख खोलती हूं तो पता चलता है कि बिजली कटी हुई है.
वैशाली राठोड़
बिजली की हालत ऐसी है कि इंवर्टर भी चार्ज नहीं हो पा रहा है. ऐसे में क्या करें और कैसे पढ़ें समझ में नहीं आ रहा है.
स्वाति कुमारी
बिजली संकट से पढ़ना-लिखना मुश्किल हो गया है. सरकार लापरवाही से जवाब दे रही है. छात्रों के हित के बारे में कोई नहीं सोच रहा है. वोट देने का अधिकार हो गया है. वोट से जवाब दूंगी.
पूजा कुमारी
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