सकलदेव सिंह हत्याकांड में 19 साल बाद रामधीर िसंह हुए बरी

Updated at : 19 Aug 2018 5:00 AM (IST)
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सकलदेव सिंह हत्याकांड में 19 साल बाद रामधीर िसंह हुए बरी

25 जनवरी 99 को भूली टाउनशिप के पास दिनदहाड़े मारी गयी थी गोली धनबाद : मजदूर नेता सकलदेव सिंह हत्याकांड में अदालत ने रामधीर सिंह (सिंह मैंशन) को बरी कर दिया है. शनिवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सप्तम रिजवान अहमद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना फैसला सुनाया. जमसं (कुंती गुट) के […]

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25 जनवरी 99 को भूली टाउनशिप के पास दिनदहाड़े मारी गयी थी गोली

धनबाद : मजदूर नेता सकलदेव सिंह हत्याकांड में अदालत ने रामधीर सिंह (सिंह मैंशन) को बरी कर दिया है. शनिवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सप्तम रिजवान अहमद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना फैसला सुनाया. जमसं (कुंती गुट) के नेता रामधीर सिंह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार रांची में विनोद सिंह हत्याकांड (स्व. सकलदेव सिंह के अनुज) में उम्र कैद काट रहे हैं. फैसला सुनाये जाने के वक्त अपर लोक अभियोजक बटेश्वर झा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता अभय कुमार सिन्हा मौजूद थे. इसी मामले में 27 अक्तूबर 2010 को अदालत ने रामधीर के अग्रज राज्य के पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, मुन्ना सिंह व उपेंद्र सिंह को बरी कर दिया था.
बच्चा, रामधीर पर था साजिश रचने का आरोप
सकलदेव सिंह की हत्या 25 जनवरी 99 को भूली टाउनशिप के पास दिनदहाड़े पौने एक बजे गोली मार कर दी गयी थी. वह सिजुआ से धनबाद नौरंगदेव सिंह के श्राद्ध कर्म में शामिल होने आ रहे थे. सकलदेव के अनुज दूनबहादुर सिंह के बयान पर कतरास थाना में कांड संख्या 30/99 दर्ज किया गया था. बच्चा सिंह, रामधीर सिंह व राजीव रंजन सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने मामले में शेर बहादुर सिंह, उपेंद्र सिंह एवं मुन्ना सिंह की संलिप्तता पाते हुए 26 अप्रैल 99 को अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया था. पुलिस ने दावा किया था कि घटना के वक्त बच्चा सिंह, रामधीर सिंह व राजीव रंजन सिंह विनोद हत्याकांड में हजारीबाग जेल में बंद थे. वहीं से उन लोगों ने सकलदेव की हत्या की साजिश रची थी. अदालत ने 17 अप्रैल 05 को आरोप तय किया था.
अभियोजन ने केस विचारण के दौरान उदय सिंह, मनोज कुमार सिंह, रण विजय सिंह, दूनबहादुर सिंह, मनोज कुमार सिंह उर्फ अकेला, डा शैलेंद्र कुमार, मनोज कुमार सिंह, माघव सिंह, आइओ विनोद कुमार सिंह व राजेंद्र गोप का मुख्य परीक्षण कराया था. जिसमें राजेंद्र होस्टाइल डिक्लेयर कर दिये गये थे. रामधीर के विनोद सिंह मर्डर केस में सजा होने के बाद सरेंडर करने पर सकलदेव हत्याकांड में रिमांड किया गया. इसके बाद सुनवाई में तेजी आयी.
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