उम्मीद की किरण: डीसी रेल लाइन को फिर से चालू करने पर काम किया जायेगा

Updated at : 22 Jul 2018 7:45 AM (IST)
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उम्मीद की किरण: डीसी रेल लाइन को फिर से चालू करने पर काम किया जायेगा

-बीसीसीएल सीएमडी के साथ कुसुंडा से टुंडू तक ट्रॉली से निरीक्षण के बाद बोले रेल जीएम एलसी त्रिवेदी धनबाद : बंद धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग का भविष्य तय करने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के जीएम एलसी त्रिवेदी, बीसीसीएल के सीएमडी अजय कुमार सिंह ने शनिवार को कुसुंडा से टुंडू तक रेल लाइन का ट्रॉली से […]

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-बीसीसीएल सीएमडी के साथ कुसुंडा से टुंडू तक ट्रॉली से निरीक्षण के बाद बोले रेल जीएम एलसी त्रिवेदी

धनबाद : बंद धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग का भविष्य तय करने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के जीएम एलसी त्रिवेदी, बीसीसीएल के सीएमडी अजय कुमार सिंह ने शनिवार को कुसुंडा से टुंडू तक रेल लाइन का ट्रॉली से निरीक्षण किया. बाद में डीआरएम ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में रेल जीएम ने कहा कि रेल मंत्रालय के आदेश पर यह निरीक्षण किया गया है. हमने पाया कि इस 34 किलो मीटर रेल लाइन में दो तिहाई हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित है. तीन-चार स्थानों पर आग लगी हुई है. उस आग को बुझाने का प्रयास बीसीसीएल कर रहा है. निरीक्षण में राइट्स के जीएम व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. टुकड़ों में बंटे इस क्षेत्र को कैसे जिंदा किया जाये, इस पर भी काम किया जायेगा. बीसीसीएल सीएमडी ने भी पूरा सहयोग किया है. यहां की पूरी रिपोर्ट लेकर हाजीपुर जाऊंगा, हाजीपुर में ट्रैक, सिग्नल, राइट्स व अन्य विभाग के स्पेशलिस्ट अधिकारियों के साथ बैठक की जायेगी और उसके बाद इस रूट को फिर से कैसे चालू किया जाये उस पर काम किया जायेगा. रिपोर्ट बनाने के बाद इसे रेलवे बोर्ड व रेल मंत्रालय को भेजा जायेगा.
गड्ढा कर आग बुझायेगा बीसीसीएल : सीएमडी
बीसीसीएल के सीएमडी ने कहा कि अंगारपथरा, बांसजोड़ा, तेतुलिया में भूमिगत आग है. लेकिन अब बीसीसीएल इन स्थानों की जमीन रेलवे से लेगा और उसके बाद आग बुझाने का काम शुरू करेगा. जमीन लेकर आग बुझाने में थोड़ा समय जरूर लगेगा. लेकिन ट्रेन परिचालन में पूरा सहयोग किया जायेगा. बीसीसीएल में 50 हजार नियमित कर्मचारी व एक लाख ठेका कर्मचारी हैं. धनबाद की प्रगति में बीसीसीएल का पूरा सहयोग रहा है. जिन स्थानों पर भूमिगत आग है उसका लेयर 10-11 है और आग ऊपर आते आते कम हो जा रही है. लेकिन अब बीसीसीएल गड्ढा कर आग बुझाने का काम करेगा.
लाइन बंद होने से रेलवे को भी नुकसान
कतरास. रेल जीएम ने यहां कहा कि जनहित को देखते संभावनाएं तलाशी जा रही है. रेल बंदी से जितना दुख आपको है, उससे कहीं अधिक दुख उन्हें व रेलवे को है. हमारी अरबों की संपत्ति लगी हुई है. यात्री सुरक्षा कारणों से इस लाइन पर रेल को बंद किया गया है. इससे रेलवे को भी नुकसान है. अगर सुरक्षा तकनीकी विभाग से एनओसी मिले, तो हम डीसी लाइन पर ट्रेन चला सकते हैं. दौरे को लेकर आरपीएफ जवान कतरासगढ़ स्टेशन पहुंच गये. इसके बाद पहुंचे आरपीएफ के कमांडेड बीपी सिंह ने जवानों को कई दिशा-निर्देश दिये. मौके पर बाघमारा डीएसपी बाहमन टूटी व कतरास पुलिस मौजूद थी.
फुलारीटांड़. टुंडू हॉल्ट में रेलवे जीएम ने पत्रकारों से कहा कि रेलवे प्रबंधन द्वारा डीसी लाइन को बंद करने का फैसला नहीं लिया गया है, जिसने बंद करने का फैसला लिया है वह बेहतर जानते होंगे. वह पहली बार इस डीसी लाइन व परियोजना का मुआयना कर रहे हैं. कुछ तो उद्देश्य होगा. निरीक्षण के दौरान सभी संभावनाओं को देखा जा रहा है. इसके बाद डीजीएमएस से भी बात की जायेगी.
निचितपुर-टुंडू वैकल्पिक मार्ग पर लगा ग्रहण
धनबाद : डीसी रेल लाइन के विकल्प में निचितपुर से टुंडू तक नयी रेल लाइन बिछाने की योजना पर ग्रहण लग गया है. क्योंकि प्रस्तावित मार्ग के नीचे बड़े-बड़े काले पत्थर हैं. सुरक्षा के लिहाज से यह ठीक नहीं है. इस योजना के लिए रेलवे ने 624 करोड़ रुपये क मंजूरी भी दे चुकी है. यह जानकारी शनिवार को डीआरएम कार्यालय के सभागार में इसीआर के जीएम एलसी त्रिवेदी ने पत्रकारों को दी. इस मौके पर धनबाद डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा, बीसीसीएल सीएमडी अजय कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम आशीष कुमार भी मौजूद थे. रेल जीएम ने बताया कि राइट्स की टीम ने सर्वेक्षण के बाद जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें टुंडू के पहले जमीन के नीचे बड़े-बड़े पत्थर होने की जानकारी दी गयी है. यदि इस कोयला क्षेत्र से हट कर नयी रेल लाइन बिछानी है तो फिर कोयला के ऊपर क्यों. रेलवे नया विकल्प देखेगी. इस काम के लिए सरकार के पास पर्याप्त रकम है और नयी रेल लाइन बिछाने में जितनी भी राशि लगेगी सरकार रेलवे को मुहैया करायेगी.
कतरास की बड़ी आबादी को मिलेगा विकल्प: जीएम ने कहा कि धनबाद से कई ट्रेन है. लेकिन कतरासवासियों को कैसे विकल्प दिया जाये, इस पर काम करना है. क्योंकि बहुत बड़ी आबादी रेल मार्ग से कट चुकी है. यहां के लोग न तो रांची जा पा रहे हैं और न ही धनबाद आ पा रहे हैं. निचितपुर थोड़ा नजदीक है. लेकिन अभी उस रूट पर सिर्फ मालगाड़ी चलती है. यदि उस रूट पर यात्री ट्रेन चलानी पड़ेगी तो सीआरएस के निरीक्षण और अनुमति के बाद ही यह संभव हो पायेगा.
इमरजेंसी कोटा पर होगा विचार: धनबाद से खुलने वाली पांच ट्रेनों का इमरजेंसी कोटा घटाने पर रेल जीएम ने कहा कि कोटा पूर्ववत करने का पूरा प्रयास किया जायेगा. उन्होंने उत्तर बिहार के लिए धनबाद से जयनगर तक ट्रेन चलाने का आश्वासन दिया. जबकि धनबाद से सुलतानगंज के लिए श्रावणी स्पेशल ट्रेन चलाने की बात कही.
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