LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक स्टोव- सस्ता और सुरक्षित विकल्प कौन?
lpg vs induction stove / ai image
भारत में LPG सिलेंडर महंगे होने के बाद लोग इंडक्शन स्टोव को विकल्प मान रहे हैं. इंडक्शन स्टोव 10-15% तक सस्ता पड़ सकता है और यह LPG से ज्यादा सुरक्षित भी है. हालांकि बिजली का रेट और कटौती को ध्यान में रखना जरूरी है. जानें कौन सा विकल्प आपके लिए बेहतर साबित होगा.
भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत की चर्चा लगातार बढ़ रही है और इसी वजह से लोग अब बिजली से चलने वाले इंडक्शन स्टोव को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. सवाल यही है कि LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव, कौन ज्यादा सुरक्षित और किफायती है? आइए विस्तार से समझते हैं.
खर्च का हिसाब
अगर आपके इलाके में बिजली का रेट ₹8 प्रति यूनिट है और आप रोजाना 1600W का इंडक्शन स्टोव 1 घंटे चलाते हैं, तो महीने में लगभग ₹500-600 का अतिरिक्त बिजली बिल आएगा. वहीं LPG सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को देखें तो इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल 10-15% तक सस्ता पड़ सकता है.
सेफ्टी फैक्टर
LPG चूल्हे से जुड़े खतरे सभी जानते हैं- सिलेंडर लीक या ब्लास्ट होने पर पूरे घर को नुकसान हो सकता है. इसके मुकाबले इंडक्शन स्टोव कहीं ज्यादा सुरक्षित है. इसमें सिर्फ शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है, वो भी तब जब वायर कट जाए या पानी के संपर्क में आये.
सुविधा और इस्तेमाल
इंडक्शन स्टोव से बिना गैस के खाना पकाना आसान है. यह तुरंत गर्म होता है और बिजली से चलता है. वहीं LPG चूल्हा पारंपरिक है और बिजली कटने की स्थिति में ज्यादा भरोसेमंद साबित होता है.
किनके लिए क्या सही
अगर आपके इलाके में बिजली का रेट ज्यादा नहीं है और आप सेफ्टी को प्राथमिकता देते हैं, तो इंडक्शन स्टोव बेहतर विकल्प है. लेकिन जहां बिजली महंगी है या बार-बार कटती है, वहां LPG चूल्हा ही ज्यादा प्रैक्टिकल रहेगा.
यह भी पढ़ें: युद्ध जैसी स्थिति में जान बचाएंगे ये सस्ते गैजेट्स, घर पर जरूर रखें
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










