deoghar news : आर्म्स एक्ट के दो अभियुक्तों को तीन साल की सजा

न्यायिक दंडाधिकारी सृष्टि घई की अदालत में चल रहे जीआर केस सरकार बनाम सौरभ पलिवार व अन्य की सुनवाई पूरी की गयी. पश्चात इस मामले के दो अभियुक्त सौरभ पलिवार व विकास पलिवार को दोषी पाकर तीन साल की सजा सुनायी गयी.
विधि संवाददाता, देवघर : न्यायिक दंडाधिकारी सृष्टि घई की अदालत में चल रहे जीआर केस सरकार बनाम सौरभ पलिवार व अन्य की सुनवाई पूरी की गयी. पश्चात इस मामले के दो अभियुक्त सौरभ पलिवार व विकास पलिवार को दोषी पाकर तीन साल की सजा सुनायी गयी. साथ ही प्रत्येक दोषी को पांच -पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. इस मामले के एक आरोपित नंदलाल मंडल को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. सभी आरोपित नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और तत्कालीन एसआइ विनोद कुमार के बयान पर नगर थाना में केस दर्ज हुआ था. इसमें गैर जमानती धाराएं लगायी गयी थी. मुकदमा दर्ज होने के बाद केस का ट्रायल चला एवं अभियोजन पक्ष से छह लोगों ने गवाही दी तथा दोष सिद्ध करने में सफल रहे. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजक अभिषेक भारद्वाज तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता प्रदीप कुमार झा ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपरोक्त फैसला सुनाया गया. इस मामले में सात वर्ष के बाद फैसला आया.
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By फाल्गुनी मारिक
विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.
प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.
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