सूर्या हांसदा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने व कुड़मी को आदिवासी सूची में शामिल कराने की मांग के विरोध में निकाली रैली

Author Balram
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सूर्या हांसदा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने व कुड़मी को आदिवासी सूची में शामिल कराने की मांग के विरोध में निकाली रैली

संथाल परगना समन्वय समिति के तत्वावधान में जन आक्रोश रैली निकाली गयी, जिसमें आदिवासी संगठनों ने सूर्या हांसदा की मौत की जांच कराने व कुड़मी को एसटी में शामिल कराने की मांग का विरोध किया.

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मधुपुर. सूर्या हांसदा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने व कुड़मी को आदिवासी सूची में शामिल कराने की मांग के विरोध में संथाल परगना समन्वय समिति के तत्वावधान में जन आक्रोश रैली निकाली गयी. गुरुवार को भारत प्राचीन आदिवासी कोल जाति कल्याण समिति, आदिवासी, अखाड़ा चांदमारी व आदिवासी कल्याण छात्रावास के नेतृत्व में शहर के पथलचपटी के आम बगान स्थित फूलों-झानो चौक से जन आक्रोश रैली निकाली गयी. रैली में शामिल विभिन्न आदिवासी संगठनों के सदस्य शहर के कॉलेज रोड, थाना रोड, गांधी चौक व लॉड सिन्हा रोड होते हुए एसडीओ कार्यालय पहुंचे. रैली में आदिवासियों का शोषण बंद करे, “कुर्मी समुदाय को एसटी का दर्जा नहीं देना होगा जैसे नारे लगा रहे थे. रैली में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गयी. इस दौरान एसडीओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया. इसके बाद एसडीओ राजीव कुमार को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि आदिवासी नेता सूर्या नारायण हांसदा की रहस्यमय मौत के मामले में त्वरित न्याय व सीबीआई जांच करायी जाये. राज्य सरकार पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया. कुर्मी, महतो समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिये जाने की मांग को गलत बताया. फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र बनाने की प्रथा को बंद करने की मांग की. बताया कि सूर्या हांसदा एक समाजसेवी थे, जो जल, जंगल, जमीन की रक्षा और बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग करते रहे. उनकी मौत में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन बताया. मौके पर झारखंड क्रांति सेना के केंद्रीय अध्यक्ष अमर मरांडी, आदिवासी कोल समाज के केंद्रीय सचिव प्रभु कोल, आदिवासी सेंघल अभियान की मीनू मुर्मू, झारखंड क्रांति सेना के केेंद्रीय सचिव निखिल मुर्मू, भारत प्राचीन कोल समाज उमानाथ कोल, छात्र नेता डॉ. श्यामदेव हेंब्रम, राजीव बास्की, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के प्रकाश हांसदा, एभेन अखड़ा के बर्नादत्त तिर्की, देश मांझी परगना बैसी के जगदीश मुर्मू, चितरा से मनोज हेंब्रम, जामताड़ा संवता सुसर अखड़ा के मंगल सोरेन, संथाल परगना समन्वय समिति के सदस्य दीपक किस्कू, राजू मुर्मू , दिनेश बास्की, अनिल मरांडी, राजू मरांडी, अमर हेंब्रम, सामोली हांसदा, रूपराम सोरेन, अनिल मरांडी, अमर हेम्ब्रम, रामलाल हेम्ब्रम, चांद मरांडी, छोटे वेसरा, भुवनेश्वर कोल समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे.

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