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Deoghar News : श्री शिवाय नमस्तुभ्यं जपने से जीवन हो जायेगा सफल: पं प्रदीप मिश्रा जी महाराज

Updated at : 14 Nov 2025 7:19 PM (IST)
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Deoghar News : श्री शिवाय नमस्तुभ्यं जपने से जीवन हो जायेगा सफल: पं प्रदीप मिश्रा जी महाराज

श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर वातावरण में प्रसिद्ध शिव कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज की सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का दिव्य आयोजन शुक्रवार को देवघर के कोठिया स्थित मैदान में शुरू हुआ.

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संवाददाता, देवघर : श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर वातावरण में प्रसिद्ध शिव कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज की सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का दिव्य आयोजन शुक्रवार को देवघर के कोठिया स्थित मैदान में शुरू हुआ. यहां बने विशाल भव्य पंडाल में पहले ही दिन एक लाख से अधिक भक्तों की उपस्थिति ने इस पवित्र कथा को अद्भुत ऊर्जा से भर दिया. भजन, गुरु पूजन और शिव महिमा के बीच गूंजते “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के मंत्रों ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया है. कथा के पहले दिन कथावाचक महाराज श्री ने भगवान शिव की महिमा का बखान करते हुए श्रद्धालुओं को शांति और मोक्ष का मार्ग दिखाया. उन्होंने कथा की शुरुआत में कहा कि जो व्यक्ति श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करता है, वह संसार के जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है. भगवान शिव ही मृत्युंजय हैं, यानी मृत्यु पर विजय प्राप्त करने वाले देवता और यही कारण है कि सभी देवता इनके सामने सिर झुकाते हैं. कथा के प्रारंभ से पहले भजन गायक राघव मिश्रा ने लगभग 20 मिनट तक भजन प्रस्तुत किये, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया. इसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने गुरु पूजन और व्यास पीठ की पूजा की. इस पूजा में मुख्य यजमान ने शिवपुराण को माथे पर रखकर व्यासपीठ तक पहुंचाया. सांसद ने भेंट की चांदी से बनी शिवलिंग कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में सांसद डॉ निशिकांत दुबे भी उपस्थित थे. उन्होंने व्यास पीठ की पूजा की और महाराज जी को चांदी से बनी शिवलिंग की तस्वीर, अंगवस्त्र और माला पहनाकर उनका सम्मान किया. इसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने सांसद को अंगवस्त्र भेंट करते हुए आशीर्वाद दिया और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए उनके सहयोग की सराहना की. शिवलिंग पर जल अर्पित करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं : महाराज जी अपने मंगलाचरण में महाराज श्री ने देवघर की महिमा का विस्तार से वर्णन किया. उन्होंने कहा कि यह स्थान 33 कोटि देवी-देवताओं का वास स्थल है. देवघर का ज्योतिर्लिंग अद्वितीय है क्योंकि यहां भगवान शिव और माता सती दोनों एक साथ विराजमान हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देवघर का नाम ””””घर”””” से लिया गया है, जो यह दर्शाता है कि यहां माता और पिता दोनों का वास है. शिव और सती का मिलन स्थल है यह तीर्थ. अपने भक्तों से कहा कि मनुष्य जीवन मिले और भगवान की उपासना न हो, तो जीवन व्यर्थ है. जब भी मौका मिले श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करना चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि एक लोटा जल शिवलिंग पर अर्पित करने से भक्त के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, क्योंकि जल की तरंग मन की भावनाओं से जुड़ी होती है. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घर-परिवार के महत्व पर भी प्रकाश डाला. कहा : घर का वास्तविक अर्थ माता-पिता की सेवा है, चाहे वह मकान किराये का हो. उन्होंने कहा कि इस पहले दिन की कथा ने पूरे क्षेत्र को एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. भक्तों की श्रद्धा और आस्था ने शिव-पार्वती की उपासना को और भी अधिक गहरा बना दिया. सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के दिव्य वचनों का श्रवण किया और स्वयं को धन्य महसूस किया. अंत में आरती के साथ पहले दिन के कथा का समापन किया गया. हाइलाइट्स देवघर के कोठिया में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा की शुरुआत देश भर से पहुंचे एक लाख से अधिक भक्तों ने कथा का किया श्रावण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Sanjeev Mishra

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By Sanjeev Mishra

Sanjeev Mishra is a contributor at Prabhat Khabar.

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