मधुपुर. शहर के पुराना अंचल कार्यालय स्थित लोहिया चौक पर रविवार को डाॅ राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस अवसर पर समाजकर्मी, नौजवान, मजदूर व किसानों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. मौके पर समाजकर्मी घनश्याम व अरविंद कुमार ने कहा कि डाॅ लोहिया एक क्रांतिकारी विचारक थे. कास्ट टू क्लास की उनकी अवधारणा अनुकरणीय है. जाति, वर्ण, पितृसत्तात्मकता व सांप्रदायिकता पर जितनी गहराई से उन्होंने अपना विचार किया है शायद ही किसी राजनेता ने इस पर सोचा है. जाति तोड़ो सम्मेलन व रामायण मेला उनकी राजनीतिक सूझबूझ और राजनीतिक ईमानदारी का नमूना है. जाति न मानने की अमूर्त्त बातें सभी दल करते हैं, लेकिन जाति तोड़ने का कोई कार्यक्रम वे नहीं लेते. जाति व्यवस्था को तोड़ने का ब्लूप्रिट और कार्यक्रम रखा था. मौके पर विद्रोह मित्रा, कुंदन कुमार भगत, बाबूलाल, अबरार ताबिन्दा, विजय नारायण, महानंद, पवन, अनूप, विनोद, सुभाष, फागू, धर्मेंद्र समेत दर्जनो लोग मौजूद थे.
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