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सामाजिक एकता का प्रतीक है बीर मेला : मंत्री

Updated at : 27 Jan 2026 11:04 PM (IST)
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सामाजिक एकता का प्रतीक है बीर मेला : मंत्री

मधुपुर की पथलजोर पंचायत के जीतपुर में आयोजन

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मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की पथलजोर पंचायत के जीतपुर में दो दिवसीय बीर जंगल मेला का आयोजन किया गया. मेला में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि जीतपुर का यह बीर जंगल मेला अपने आप में एक समृद्ध और प्रेरणादायक इतिहास समेटे हुए है. यह मेला उस संघर्ष की याद दिलाता है, जब यहां के आदिवासी व मूलवासी समाज ने अपने जंगल, जल और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर आंदोलन किया था. उसी ऐतिहासिक संघर्ष की विरासत के रूप में यह जंगल मेला 42 वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है. यह मेल सामाजिक एकता का प्रतीक है. इलाके में सड़क का निर्माण चालू हो गया है. उन्होंने कहा कि धावताड़, जोरिया, नवादा व कर्णपुरा जोरिया में चेकडैम का निर्माण होगा. नवादा से कर्णपुरा सड़क कालीकरण किया जायेगा. देवघर जिला में 90 योजनाओं को स्वीकृति दिलाई गयी है. जिसमें 60 चेक डैम व 30 तालाब है. वहीं, पर्यावरणविद् घनश्याम ने कहा वर्ष 1981-82 में मजदूर किसान समिति और नारी शक्ति संगठन ने जंगल बचाने का आंदोलन किया था. जंगल आंदोलन मधुपुर ही नहीं पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है. उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन गुरुजी ने भी आंदोलन को समर्थन किया था. पूर्व मुखिया शिवलाल किस्कू ने कहा कुछ और सामाजिक तत्व मेल को राजनीतिक रूप देना चाहते है. वह मेला को विकृत करना चाहते है. ऐसा नहीं होने दिया जायेगा. मौके पर दिनेश्वर किस्कू, साकिर अंसारी, सहदेव सिंह, झरी सिंह, सहदेव सोरेन, दर्शन किस्कू, बालू टुडू, सोना लाल हांसदा, शिवलाल किस्कू आदि मौजूद थे.

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