बाल विवाह रोकने के लिए सामाजिक जागरुकता जरूरी

Updated at : 01 Feb 2025 6:53 PM (IST)
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बाल विवाह रोकने के लिए सामाजिक जागरुकता जरूरी

मारगोमुंडा क्षेत्र की पंदानियां पंचायत के चोरकट्टा गांव में आश्रय एवं एक्सेस टू जस्टिस के तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त भारत को लेकर महिलाओं के साथ बैठक हुई

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मारगोमुंडा. प्रखंड क्षेत्र की पंदानियां पंचायत के चोरकट्टा गांव में आश्रय एवं एक्सेस टू जस्टिस के तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त भारत को लेकर महिलाओं के साथ जागरुकता बैठक हुई. इस दौरान संस्था के कार्यकर्ता मुस्कान परवीन ने महिलाओं को बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए सभी लोगों को आगे आना होगा. उन्होंने अपने बच्चों की बाल विवाह न करने की बात कही. उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ने का अधिकार है, उन्हें पढ़ने दिया जाये. खेलने उनका अधिकार है उन्हें खेलने दिया जाये, जिससे बच्चों का मानसिक विकास बढ़े और आगे चलकर देश का नाम रोशन करें. आप सभी जानते हैं हमारे संविधान निर्माता डाॅ भीमराव आंबेडकर का संदेश है शिक्षा ही वह मंत्र है. इससे आप आगे बढ़ सकते हैं और अपनी बात को दुनिया के लोगों तक पहुंचा सकते हैं. इसलिए बच्चों की शादी लड़की हो तो 18 वर्ष लड़का हो तो 21 वर्ष उससे पहले शादी ना करें और बच्चों को शिक्षित करें. उसके बाद ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि अपने बच्चों से कम ना ले उन्हें पढ़ने का अवसर दें. मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद थीं. ————– बाल विवाह रोकथाम को लेकर हुई बैठक

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