मकर संक्रांति में भोलेनाथ पर चढ़ा तिल, मंदिर में दिखा कोरोना संक्रमण का असर, नहीं बिके शीघ्रदर्शनम कूपन

jharkhand news: बाबा मंदिर में मकर संक्रांति हर्षोल्लास से मनाया गया. हालांकि, कोरोना संक्रमण के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में कम दिखी. कम श्रद्धालुओं के आने से शीघ्रदर्शनम कूपन भी नहीं बिके.
Makar Sankranti 2022: बाबा नगरी में शुक्रवार को मकर संक्रांति का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. बाबा मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से आये भक्तों ने बाबा पर तिल और गुड़ अर्पित किये. बाबा मंदिर का पट खुलते ही काचां जल पूजा में पुजारी चंदन झा के द्वारा विधिवत षोड्शोपचार पूजा के पश्चात बाबा पर तिल व गुड़ अर्पित किया गया. इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिया गया. लोगों ने बाबा पर तिल व गुड़ अर्पित कर बाबा से मंगलकामना की.
मकर संक्रांति को लेकर भीड़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के भय से अपेक्षाकृत कम भीड़ हुई. पूरा मंदिर परिसर सुबह से ही खाली रहा. भीड़ कम होने के कारण शीघ्रदर्शनम के कूपन भी नहीं बिके.
सरकारी पूजा के बाद श्रद्धालुओं को मानसरोवर के उत्तरी छोर स्थित बजरंगबली मंदिर के पास से श्रद्धालुओं को शारीरिक दूरी के साथ कोरोना गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश करा कर श्रद्धालुओं को क्यू कॉम्प्लेक्स होते हुए संस्कार भवन के रास्ते से बाबा मंदिर गर्भ गृह में पूजा-अर्चना करने के लिए प्रवेश कराया गया. वहीं, श्रद्धालु पूजा-पाठ के अलावा दान-पुण्य के भी कार्य संपन्न करते हुए नजर आये. संक्रांति से खरमास समाप्त हो गया तथा सभी शुभ कार्य शनिवार से शुरू हो जायेंगे.
इधर, जिला प्रशासन द्वारा मकर संक्रांति पर भीड़ की संभावनाओं को देखते हुए एक दिन पूर्व से ही तैयारी की गयी थी. इस दौरान मानसरोवर से लेकर शिवगंगा तालाब, शिवगंगा गली व आसपास में पुलिस की तैनाती की गयी थी. वहीं व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एसडीपीओ पवन कुमार सभी स्थलों का जायजा लेते रहे.
साथ ही सभी चौक-चौराहों पर मास्क चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा था. श्रद्धालुओं को सख्त हिदायत दी जा रही थी कि जो लोग मास्क नहीं पहनेंगे, उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा. भीड़ कम रहने के कारण दोपहर बाद से मानसरोवर स्थित फुट ओवर ब्रिज के पास दरवाजा खोल कर श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया गया तथा शाम 4:00 बजे तक बाबा मंदिर का पट खुला रहा.
परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति से बाबा मंदिर को एक माह तक खिचड़ी भोग लगाने की परंपरा शुरू की गयी. भोग बनाने के बाद पुजारी ने श्री यंत्र मंदिर में विधिवत पूजा के उपरांत मकर भोग को अर्पित किया. पुजारी मल्लू झा के द्वारा बाबा का भोग विधिवत लगाने के पश्चात लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
रिपोर्ट : संजीव मिश्रा, देवघर.
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