पति-पत्नी का रिश्ता भी आजकल हो रहा है कलंकित : शशिकांत महाराज
Published by : SANJAY KUMAR RANA Updated At : 11 Jun 2025 10:59 PM
चितरा के दुखिया बाबा मंदिर में महारुद्र यज्ञ का आयोजन
चितरा. एसपी माइंस चितरा कोलियरी स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में चल रहे नौ दिवसीय श्रीश्री 1008 महारुद्र यज्ञ के शिव महापुराण की कथा सुनाते हुए शशिकांत महाराज ने कहा कि आज कल पति-पत्नी का पवित्र रिश्ता भी कलंकित हो रहा है. उन्होंने कहा कि सत्संग के बिना मनुष्य को विवेक नहीं मिल सकता है. जो संत महात्मा की बातें सुनते हैं. सत्संग कराया है वह कभी गलत कार्य नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि आजकल पति-पत्नी का पवित्र रिश्ता भी कलंकित हो रहा है. अगर पत्नी सत्संग सुनी होती तो अपने पतियों की हत्याएं नहीं करती. उन्होंने कहा कि भोलेनाथ के जैसा सीधा-साधा देवता कोई नहीं है. वे तुरंत अपने भक्तों की मनोकामना पूर्ण कार्य हैं. देवाधिदेव महादेव परम दयालु परम कृपालु हैं. भक्तों पर कब कृपा कर देते हैं यह पता भी नहीं चलता है. साथ ही कहा ज्ञान के साथ अभियान और शक्ति हो तो व्यक्ति उस शक्ति का दुरुपयोग करता है. साथ ही कहा कि इस शरीर को जितना भी संवार लिया जाये, लेकिन एक दिन यह शरीर चिता में भस्म बन जायेगा. यह जीवन कब और कहां विश्राम ले इसका कोई भरोसा नहीं है. मनुष्य के साथ केवल सत्संग और प्रभु की भक्ति ही साथ जायेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि एक आदमी सत्य बोलता है और दूसरा आदमी अपने को बचाने के लिए झूठ बोलता है तभी परिवार टूटता है. कभी किसी से विश्वास घात नहीं करना चाहिए. आज परिवार टूट रहा है इसका कारण लोग सत्संग नहीं करते हैं. वहीं, श्रीश्री 1008 महारुद्र के मेला के छठे दिवस की रात्रि में मेला देखने के लिए लोगों की भारी भी उमड़ पड़ी. साथ ही बुधवार की सुबह पूर्णिमा होने के कारण दुखिया बाबा मंदिर शिव मंदिर सहित आसपास के देवी-देवताओं के मंदिरों में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि व शांति की प्रार्थना की. ———- पूजा, परिक्रमा, प्रवचन सुनने व मेला देखने के लिए उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़
चितरा के दुखिया बाबा मंदिर में महारुद्र यज्ञ का आयोजनडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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