सुहाने मौसम में झूमकर चले कांवरिये, चौथी सोमवारी का बढ़ा उत्साह

Updated at : 11 Aug 2024 8:42 PM (IST)
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सुहाने मौसम में झूमकर चले कांवरिये, चौथी सोमवारी का बढ़ा उत्साह

श्रावणी मेले की चौथी सोमवारी को जलार्पण करने को लेकर कांवरिया पथ पर रविवार दोपहर से कांवरियों में उत्साह दिखने लगा था. दोपहर तीन बजे के बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया व कांवरिये झूमते हुए बाबा नगरी की ओर बढ़ते गये.

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कांवरिया पथ से अमरनाथ पोद्दार

श्रावणी मेले की चौथी सोमवारी को जलार्पण करने को लेकर कांवरिया पथ पर रविवार दोपहर से कांवरियों में उत्साह दिखने लगा था. दोपहर तीन बजे के बाद हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया व कांवरिये झूमते हुए बाबा नगरी की ओर बढ़ते गये. झारखंड गेट दुम्मा प्रवेश करने के बाद कांवरिये विश्राम के लिए नहीं रुक रहे थे व पूरे बोल बम नारे के साथ बाबा नगरी बढ़ते गये. इस दौरान शाम चार बजे जमकर बारिश हुई तो महिला, पुरुष व बच्चे श्रद्धालु भी भोलेनाथ की भक्ति में तेज रफ्तार में चलने लगे. इस दौरान औरंगाबाद के 20 युवा कांवरियों का दल पीठ पर गंगाजल लेकर दौड़ते हुए बाबा नगरी जाते हुए मिले.

भूतबंगला गेट से मिटती है रास्ते भर की थकान

सुल्तानगंज से बाबाधाम की पैदल यात्रा में थके-हारे कांवरिये दुम्मा प्रवेश करने के बाद नौ किलोमीटर चलते हुए जब खिजुरिया स्थित भूतबंगला गेट देखते हैं, तो रास्ते भर की थकान मिट जाती है. भूतबंगला गेट देखते हुए कांवरियो बाबा बैद्यनाथ मंदिर की ओर देखते ही प्रणाम करते हैं व बोम बम का जयकारा लगाते हुए तेजी से आगे बढ़ जाते हैं. कई कांवरिये तो जमीन का स्पर्श कर भी बाबा बैद्यनाथ को नमन करते नजर आये. महिलाएं तो भूतबंगला गेट से बाबा भोले का गीत गाते हुए आगे बढ़ती गयीं.

वाहन से आने वाले कांवरिये खिजुरिया में होते हैं शामिल

सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर वाहन से आने वाले कांवरिये बाघमारा बस स्टैंड व कोठिया बस स्टैंड में अपने वाहनों की पार्किंग कर पैदल चल देते हैं. जैसे ही खिजुरिया गेट पहुंचते हैं तो वे लोग भी पैदल आने वाले कांवरियों के साथ यात्रा में शामिल हो जाते हैं. यहां से कांवरिये पूरे जोश व भक्ति में पैदल गंगा जल लेकर आने वालों के साथ झूमने लगते हैं.

हुगली से 140 किलो का कांवर लेकर आये कांवरिये

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से 140 किलो का कांवर लेकर कांवरियों का दल देवघर पहुंचा. 25 युवा बारी-बारी कर कंधे पर कांवर लेकर 35 घंटे में देवघर पहुंच गये. युवा कांवरियों ने बताया कि एक दिन में 50 किलोमीटर तक यात्रा कर चुके हैं.

बाइक से ढोये जा रहे कांवरिये

रविवार को बाघमारा व कोठिया बस स्टैंड से कांवरिये को बाइक से लेकर भुरभुरा मोड़ व शिवगंगा के पास लेकर जाते रहे. आसपास के गांव के बाइक सवार कांवरिये को अपने बाइक पर बैठा कर लेकर दिन भर जाते रहे, इस दौरान कांवरियों से वसूली भी होती रही.

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