Deoghar News : समय पर पहचान व इलाज से 95 फीसदी तक ठीक हो सकता है नेत्र कैंसर : डॉ संतोष

Updated at : 23 Feb 2025 7:25 PM (IST)
विज्ञापन
Deoghar News : समय पर पहचान व इलाज से 95 फीसदी तक ठीक हो सकता है नेत्र कैंसर : डॉ संतोष

झारखंड ओफ्थाल्मोलॉजिकल सोसाइटी तथा संथाल परगना ओफ्थाल्मिक फोरम के संयुक्त तत्वावधान में डाबरग्राम स्थित मेहर गार्डन में चल रहे नेत्र रोग विशेषज्ञों के तीन दिवसीय 22वें वार्षिक सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया.

विज्ञापन

संवाददाता, देवघर : झारखंड ओफ्थाल्मोलॉजिकल सोसाइटी तथा संथाल परगना ओफ्थाल्मिक फोरम के संयुक्त तत्वावधान में डाबरग्राम स्थित मेहर गार्डन में चल रहे नेत्र रोग विशेषज्ञों के तीन दिवसीय 22वें वार्षिक सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया. इस दौरान झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से आये नेत्र चिकित्सकों ने आंखों की विभिन्न प्रकार की बीमारी व इलाज संबंधित जानकारी साझा किये. सम्मेलन के तीसरे दिन तकनीकी सत्र में अखिल भारतीय नेत्र सोसाइटी के सचिव डॉ संतोष होनावर ने बताया कि रेटिनोब्लास्टोमा आंख का एक कैंसर है, यह ज्यादातर छोटे बच्चों में व आमतौर पर तीन वर्ष की आयु से पहले होता है. यह कैंसर पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों में शायद ही विकसित होता है.

डॉ संतोष होनावर कहा कि रेटिनोब्लास्टोमा आंख की रेटिना में बनता है. अधिकांश रोगियों में रेटिनोब्लास्टोमा आंख तक ही सीमित रहता है और इस कैंसर का इलाज बहुत अधिक संभव है. समय रहते इसकी पहचान कर लेने व इसका इलाज हो जाने से यह कैंसर 95 प्रतिशत ठीक हो सकता है. इसे यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता, तो यह शरीर के अन्य भागों तक फैल सकता है.

हैदराबाद के प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर संतोष होनावर को डॉ बीपी कश्यप एक्स्ट्रा मुरल ओरेशन से सम्मानित किया गया.

उन्होंने कहा कि इसका इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी व रेडिएशन थेरेपी है जो बीमारी के स्टेज पर निर्भर करता है. इसका लक्षण है आंख की पुतली सफेद होना ( इसे ल्यूकोरिया के नाम से जाना जाता है) भेंगापन, आइरिस या परितारिक, आंखों का अलग-अलग रंग, दृष्टि से संबंधित समस्याएं, आंखों का लाल होना या उनमें खुजली होना, दर्द, ट्यूमर होना समेत अन्य लक्षण हैं.

डॉ भारती ने साझा की स्मार्ट सर्फ लेजर तकनीक सम्मेलन में डॉ भारती कश्यप ने चश्मा हटाने, स्पर्श व चीरा रहित स्मार्ट सर्फ लेजर तकनीक साझा की. उन्होंने कहा कि स्मार्ट पल्स लेजर तकनीक पर आधारित स्मार्ट सर्फ एवं स्मार्ट लासिक चश्मा हटाने का आज का सबसे अधिक एडवांस्ड लेजर करने का तरीका है. स्मार्ट पल्स टेक्नोलॉजी ट्रीटमेंट से कॉर्निया की मॉडलिंग बहुत चिकनी होती है. उत्कृष्ट परिणाम के लिए लेजर प्रक्रिया के दौरान आंखों की स्थिर एवं गतिशील अवस्था में सही जगह पर लेजर फायर की जाती है. अपेक्षाकृत ज्यादा पावर, सिलिंडर पावर व पतले कॉर्निया में स्माइल लेजर नहीं हो सकता ह, और एक बार लेजर होने के बाद दुबारा ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ने पर इसे नहीं किया जा सकता है. प्लस पावर का ट्रीटमेंट भी स्माइल तकनीक से नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा डॉ नीलेंदु मिश्रा ने भी अपनी जानकारी साझा किये. वहीं सम्मेलन के तीसरे दिन नवीन प्रयोग सत्र में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को डॉ नीलेंदु मिश्रा और डॉ भारती कश्यप ने सम्मानित किये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola