देवघर के पाथरोल काली मंदिर में पूजा को लेकर पुरोहित व राज परिवार के वंशजों के बीच विवाद, घंटों बंद रहा मंदिर

Updated at : 17 Nov 2021 10:10 PM (IST)
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देवघर के पाथरोल काली मंदिर में पूजा को लेकर पुरोहित व राज परिवार के वंशजों के बीच विवाद, घंटों बंद रहा मंदिर

देवघर के पाथरोल काली मंदिर में पूजा कराने को लेकर पुरोहित और राज परिवार के वंशजों के बीच एक बार फिर विवाद हो गया. इसके कारण घंटों मंदिर में पूजा अर्चना बंद रही. मंदिर में विवाद व ताला जड़ने की सूचना मिलने पर मंत्री हफीजुल हसन ने दोनों पक्षों से बात कर मामला सुलझाने का प्रयास करते दिखे.

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Jharkhand News (मधुपुर, देवघर) : देवघर के पाथरोल काली मंदिर में पूजा कराने को लेकर पुरोहित व राज परिवार के वंशजों के बीच बुधवार को एक बार फिर विवाद हो गया. इस कारण घंटों पूजा बंद रही. विवाद के बीच दोनों पक्षों ने अपना-अपना ताला मंदिर के मुख्य द्वार पर जड़ दिया. इस दौरान पुरोहित परिवार से बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंच गयी और राज परिवार का विरोध करते हुए मंदिर के मुख्य-द्वार पर धरना पर बैठ गयी.

मंदिर में विवाद व ताला जड़ने की सूचना मिलने पर मंत्री हफीजुल हसन, एसडीओ सौरव भुवानिया, एसडीपीओ विनोद रवानी, करौं बीडीओ कुलदीप कुमार, मधुपुर सीओ परमेश्वर कुशवाहा, इंस्पेक्टर इंचार्ज रामदयाल मुंडा व पाथरोल थाना प्रभारी मंदिर पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता कर मंदिर का ताला खुलवाने का प्रयास किया.

मौके पर मंत्री श्री हफीजुल ने कहा कि फिलहाल श्रद्धालुओं की भावना का ध्यान रखते हुए मंदिर का ताला खोल दें. करौं बीडीओ की मौजूदगी में दोनों पक्षों की उपस्थिति में कमेटी गठन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि फिलहाल मंदिर की चाबी मंदिर में तैनात सुरक्षा बल के पास रहेगी. इसके बाद करीब पांच घंटे के बाद मंदिर का ताला श्रद्धालुओं के लिए खोला गया.

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12 दिनों तक मंदिर में प्रवेश नहीं करने की बात पर बढ़ा विवाद

बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले भी पुरोहित समाज के एक सदस्य की मौत हो गयी थी. इस कारण राजा परिवार के सदस्यों ने पुरोहितों को कहा कि मौत के कारण अभी वे लोग क्रियाकर्म को लेकर 12 दिनों तक मंदिर व पूजा अनुष्ठान कार्य से दूर रहे. वे लोग मंदिर में नहीं आये. वहीं पुरोहितों का कहना था कि उनलोगों के परिवार में छूतक हो जाने से तीन दिन तक ही पालन करते हैं. मंदिर में पूजा नहीं कराते हैं.

बताया कि जिस परिवार के सदस्य की मौत होती है. उस परिवार को छोड़कर अन्य पुरोहित मंदिर में पूजा कराते हैं. लेकिन, राज परिवार ने सभी पुरोहितों को पूजा कराने से मना कर दिया, जो सही नहीं है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया. विवाद के कारण सुबह लगभग 7 बजे से मंदिर के मुख्य गेट पर दोनों पक्षों के द्वारा ताला लगा दिया गया. विवाद निबटारे के लिए वार्ता में मुखिया पितांबरी देवी, रंजीत दास, अल्ताफ हुसैन, गुलाम अशरफ, सुरेश कुमार, रूपेश गुप्ता, विजन कुमार, अक्षय कुमार, पिंटू आचार्य, मदन मोहन सिंह आदि मौजूद थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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