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Deoghar News : गंगा पाप धोती है, पर गंदे विचार नहीं: पंडित प्रदीप मिश्रा

Updated at : 18 Nov 2025 8:02 PM (IST)
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Deoghar News : गंगा पाप धोती है, पर गंदे विचार नहीं: पंडित प्रदीप मिश्रा

कोठिया मैदान में चल रहे शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन मंगलवार को भी भक्ति और आध्यात्मिकता का भव्य प्रवाह दिखा. कथा स्थल पर झारखंड, बिहार, बंगाल समेत देश भर से आये भक्तों व मातृशक्ति में अद्भुत ऊर्जा, आस्था और भावनाओं का संचार हुआ.

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संवाददाता, देवघर : कोठिया मैदान में चल रहे शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन मंगलवार को भी भक्ति और आध्यात्मिकता का भव्य प्रवाह दिखा. कथा स्थल पर झारखंड, बिहार, बंगाल समेत देश भर से आये भक्तों व मातृशक्ति में अद्भुत ऊर्जा, आस्था और भावनाओं का संचार हुआ. इस अवसर पर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने शिव महापुराण की महत्ता व शिव भक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला. महाराज श्री ने कथा के दौरान कहा कि मां गंगा अपने भक्तों का पाप तो क्षय करती है, लेकिन गंगा स्नान करने वाले लोगों के गंदे विचार नहीं धोती. उन्होंने जोर देकर कहा कि यही गंदे विचार का भाव हमें नरक की ओर ले जाता है. शिव महापुराण में चंचुला देवी के प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि शिवपुराण एक बार सुन लेने से मन का भाव बदल जाता है और मन में उत्पन्न होने वाले सभी गलत विचारों का आना बंद हो जाता है.

बाबा की मर्जी से मिलती है लंबी कतार में खड़े रहने की शक्ति

कथा के महत्व पर उन्होंने कहा कि जैसे कोई किसी को जबरदस्ती मारपीट कर उसका माता-पिता नहीं बन सकता, उसी प्रकार जबरदस्ती कथा या सत्संग में आने से भी इसका लाभ नहीं मिलता है. उन्होंने कहा कि शिव जी अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं. उन्होंने भक्तों से कहा कि मंदिर या कथा स्थल की गंदगी नहीं, बल्कि यहां पर बंटने वाले भाव को देखना है. जैसा चश्मा होगा, वैसे ही रंग दिखेगा. लोग कहते हैं मंदिर में आठ घंटे तक कतार में रहे, व्यवस्था ठीक नहीं, लेकिन उस भक्त को यह पता नहीं कि जितने घंटे वे कतार में रहा, वह बाबा की मर्जी से रहा. सावन के दिनों से तुलना करते हुए महाराज श्री ने कहा कि सावन में बाबा का जलार्पण आधे घंटे में होता है, लेकिन अभी सात से आठ घंटे लग रहा है. उस समय बाबा दूर से दर्शन देते हैं, लेकिन अभी बाबा अपने भक्त को गर्भ गृह के अंदर बुलाकर दर्शन दे रहे हैं. लोग कहते हैं कि पूजा के दौरान उनके ऊपर भी किसी ने जल, दूध आदि गिरा दिया. महाराज जी ने कहा कि भगवान शिव शिवलिंग पर चढ़ने वाला दूध, दही, मधू आदि से स्नान कराकर भक्तों को दूधो नहाओ पूतों फलों का आशीर्वाद देकर व अबीर-गुलाल लगाकर अपने रंग में रंग कर गर्भ गृह से बाहर भेजते हैं, यह सौभाग्य की बात है.

भटको मत, भक्ति पर अडिग रहो

पिछले कई वर्षों से झारखंड, बिहार और बंगाल के भक्तजन प्रतिक्षारत थे कि महाराज जी कब पधारेंगे और शिव महापुराण का अमृतरस पिलाएंगे. इस बार यह दिव्य आयोजन संभव हुआ क्योंकि 12 ज्योतिर्लिंगों की कृपा से यहां कथा का विशेष निमंत्रण प्राप्त हुआ. अपने दिव्य उपदेशों में महाराज जी ने कहा कि आज के समय में कई लोग आपको भटकाने का प्रयास करेंगे. शिव मंदिर जाने से, उपासना करने से व जप-तप करने से रोकेंगे. परंतु आपको अपने संकल्प और भक्ति के पथ से विचलित नहीं होना है. उन्होंने कहा कि शिव का नाम, शिव की पूजा और शिव आराधना की ऐसी अनंत शक्ति है कि जो मनुष्य के जीवन के सभी दुखों, क्लेशों और विपत्तियों को हर लेती है. जिस घर में महादेव का नाम गूंजता है, वहां दुःख ठहर नहीं पाता. महाराज जी ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में संकट आये, तो शिवभक्त को चाहिए कि वह तुरंत उनके घर जाकर सहायता करे, सेवा करे और उनके कष्ट कम करने का प्रयास करे. यही महादेव की सच्ची उपासना व दया, करुणा और सेवा का मार्ग है.

मातृशक्ति के सम्मान से मिलती है शिव की कृपा

कथा में उपस्थित सभी माता-बहनों का विशेष सम्मान करते हुए महाराज जी ने कहा कि मातृशक्ति ही इस संसार का सबसे बड़ा आधार है. जैसे शिव बिना शक्ति के अधूरे हैं, उस तरह परिवार बिना माता के संपूर्ण नहीं. माताएं-बहनें ही वह शक्ति हैं, जो घर में प्रेम, संस्कार, शांति और समृद्धि का प्रवाह बनाये रखती हैं. उनका धैर्य, उनकी श्रद्धा और उनकी भावनाएं परिवार को ही नहीं, समाज को भी ऊंचा उठाती हैं. शिवजी की कृपा सदा उन परिवारों पर रहती है जहां मातृशक्ति का सम्मान किया जाता है.

12 ज्योतिर्लिंग कथा का महत्व

इस वर्ष आयोजित 12 ज्योतिर्लिंग कथा क्षेत्र के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है. महाराज जी के अनुसार, यह आयोजन मात्र कथा नहीं, बल्कि सभी ज्योतिर्लिंगों का संगम है. जब 12 ज्योतिर्लिंग एक साथ आशीर्वाद देते हैं, तब वह क्षेत्र दिव्य ऊर्जा से भर जाता है और भक्तों को असाधारण आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है.

हाइलाइट्स

कोठिया में शिव महापुराण कथा का पांचवां दिन

पंडित प्रदीप मिश्रा ने चंचुला देवी प्रसंग से बतायी शिव महापुराण की महत्ता

बोले : जबरदस्ती सत्संग में आने से लाभ नहीं मिलता

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Sanjeev Mishra

लेखक के बारे में

By Sanjeev Mishra

Sanjeev Mishra is a contributor at Prabhat Khabar.

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