विमान सेवा शुरू होने के बाद बढ़ेगी श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या, संताल परगना का सभी जिला होगा कनेक्ट

गंगा नदी पर बने अंतरराष्ट्रीय मल्टी मॉडल टर्मिनल बंदरगाह के जरिये साहिबगंज बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल समेत कई देशों से सीधे जुड़ गया है. इस बंदरगाह को सागरमाला परियोजना से जोड़ा जाना है.
देवघर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद संताल परगना के लगभग सभी जिले हवाई मार्ग से जुड़ गये हैं. जिससे विदेशों से सीधा संपर्क स्थापित हो गया है. देवघर पर्यटक व धार्मिक शहर है. हर साल यहां करोड़ों लोग आते हैं. एयरपोर्ट शुरू हो जाने से यहां आनेवाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जायेगी. न सिर्फ देवघर, बल्कि पूरा संताल परगना का इलाका आर्थिक रूप से संपन्न होगा.
गंगा नदी पर बने अंतरराष्ट्रीय मल्टी मॉडल टर्मिनल बंदरगाह के जरिये साहिबगंज बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल समेत कई देशों से सीधे जुड़ गया है. इस बंदरगाह को सागरमाला परियोजना से जोड़ा जाना है. इसके बाद यह पश्चिम बंगाल, बिहार और यूपी समेत देश के 10 राज्यों से संपर्क में आ जायेगा. इसे हल्दिया-वाराणसी जलमार्ग से जोड़ा गया है.
देवघर एयरपोर्ट शुरू होने से संताल परगना प्रमंडल सड़क, रेल, जल और वायु चारों मार्गों से जुड़ गया है. संताल परगना चार-चार एनएच (133, 333ए, 333 और 114ए) से जुड़ गया है. साहिबगंज में बंदरगाह खुला. हाल के वर्षों में गोड्डा व दुमका के कई इलाकों तक रेल पहुंची. आधा दर्जन रेल परियोजना पर काम चल रहा है. सबसे अधिक ट्रेन गोड्डा लोकसभा क्षेेत्र के लोगों को मिली है.
अब देवघर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से संताल परगना वायुमार्ग से भी जुड़ गया. जल मार्ग के बाद अब वायुमार्ग की सुविधा होने से संताल परगना इंटरनेशनल मानचित्र पर आ गया है. अब यहां के व्यापारी विदेशों तक व्यवसाय कर सकते हैं. वहीं कनेक्टिविटी बेहतर होने पर विदेशों के उद्यमी भी संताल परगना की ओर आकर्षित होंगे. संताल परगना के चार एनएच रोड क्रमश: एनएच 133, 333ए, 333 और एनएच 114ए के किनारे बसे गांवों में बेहतर सुविधा बहाल करने की कार्ययोजना भी तैयारी की गयी है.
इसमें गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के मधुपुर, सारवां, त्रिकुट, बासुकिनाथ, हंसडीहा, कठौन, पथरगामा, महगामा, मेहरमा, खटनई, बांका मोड़, अंधरीगादर और दर्दमारा को हाइवे गांव के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयारी की गयी है. संताल परगना के विकास में रेलवे भी अहम भूमिका निभा रहा है.
यहां आधा दर्जनों रेलवे की परियोजनाएं चल रही है. वहीं इस इलाके के लोगों को कई ट्रेनों की सुविधा मिली है. गोड्डा जो आजादी के 70 सालों बाद तक रेलवे नहीं देख पाया था, आज वहां न सिर्फ रेलवे लाइन बिछी है, स्टेशन खुले हैं बल्कि कई ट्रेनें मिली है. यहां के लोग अब सीधे दिल्ली और रांची का सफर कर रहे हैं.
Posted By: Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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