सारवां में बाजे-गाजे के साथ हुई बेलभरनी पूजा

बिल्व वृक्ष की पूजा कर मां बेलभरनी को डोली में मंदिर लाया
सारवां. शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों से बाजे-गाजे के साथ वैदिक आचार्य के द्वारा बिल्व वृक्ष की पूजा कर मां बेलभरनी को डोली में मंदिर लाया गया. इस अवसर पर मंदिरों के बगल अवस्थित नदी में मां बेलभरनी को सात नदियों के जल, सप्त सागर जल, वर्षा जल, ओस जल के साथ विभिन्न द्रव्यों से वैदिक ऋचाओं के पाठ के साथ विधि-विधान के अनुसार महास्नान कराया गया. साथ ही मां की मंदिर में पूजा कर नवपत्रिका को स्थान दिया गया. इस दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा को वेदी पर विराजमान कराया गया. इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर देवी मंदिरों के पट खोल दिया गया. वहीं, प्राचीन शक्ति स्थल बिशनपुर गहवर में आचार्य जयनाथ पांडे, पंडित बालमुकुंद पांडे की देखरेख में सैकड़ों कुमारी कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया गया. बनवरिया स्टेट मंदिर में पंडित नागो पांडे, लखोरिया स्टेट मंदिर में आचार्य श्रीकांत झा, पंडित धनंजय झा, भैया मंडा लखोरिया में आचार्य नलिन झा, पंडित रमेश झा, डुमरिया दुर्गा मंदिर के अलावा सार्वजनिक वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति सारवां, सार्वजनिक दुर्गा पूजा बधनी में धूमधाम पूर्वक बाजे-गाजे के साथ मां को मंदिर लाया गया. वहीं, विधि व्यवस्था संधारण को लेकर दंडाधिकारी सह बीडीओ रजनीश कुमार, अंचल अधिकारी राजेश साहा,कृषि पदाधिकारी विजय कुमार देव के साथ थाना प्रभारी कौशल कुमार सिंह विभिन्न स्टेट मंदिरों के अलावा पूजा पंडाल में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. हाइलार्ट्स : सप्त सागर और सप्त नदी के जल से महास्नान के साथ वेदी पर विराजमान हुई मां
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