एटक ने कोयला मंत्री का पुतला फूंका

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प्रदर्शन. मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ जताया पुरजोर विरोध विभिन्न मजदूर यूनियनों ने कोयला मंत्री के बयान के खिलाफ पीयूष गोयल का पुतला दहन किया. चितरा : सेंट्रल ट्रेड यूनियन एटक के शाखा सचिव पशुपति कोल के नेतृत्व में एसपी माइन्स चितरा कोलियरी स्थित वर्कशॉप गेट के पास केन्द्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल का मजदूर […]

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प्रदर्शन. मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ जताया पुरजोर विरोध

विभिन्न मजदूर यूनियनों ने कोयला मंत्री के बयान के खिलाफ पीयूष गोयल का पुतला दहन किया.
चितरा : सेंट्रल ट्रेड यूनियन एटक के शाखा सचिव पशुपति कोल के नेतृत्व में एसपी माइन्स चितरा कोलियरी स्थित वर्कशॉप गेट के पास केन्द्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल का मजदूर विरोधी बयान देने के खिलाफ पुतला दहन किया गया. साथ ही कोयला मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गयी. इस दौरान एटक सचिव कोल ने कहा कि केन्द्रीय कोयला मंत्री श्री गोयल ने मजदूर विरोधी बयान देकर मजदूरों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है.
मंत्री श्री गोयल ने सीएमपीएफ को ईपीएफ में विलय करने की बात कर रहे हैं, जो सरासर मजदूर विरोधी नीति है. इतना ही नहीं सीएमपीएफ को ईपीएफ में विलय करने से फायदा होने की बात कहकर मजदूरों को दिग्भ्रमित किया है. उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग में सीएमपीएफ योजना के तहत उदाहरण के तौर पर अगर किसी मजदूर का तीन हजार रुपये जमा होता है तो कोल इंडिया के नियम के अनुसार कोयला उद्योग भी अपनी ओर से उस मजदूर को तीन हजार रुपये देती है. साथ ही ब्याज भी जोड़कर दिया जाता है. सीएमपीएफ ईपीएफ में विलय के बाद काटी गई राशि तीन हजार रुपये मात्र ही कोयला मजदूर को मिलेगा. न तो कोल इंडिया ही कुछ देगी और न ही जमा पैसे का ब्याज मिलेगा. श्री कोल ने पांच सूत्री मांग भी की है जिसमें सीएमपीएफ को ईपीएफ में विलय रद्द करने की मांग अलावा कोयला उद्योग का निजीकरण बंद करने, नौवां वेतन समझौता पूर्ण रूप से लागू करने, दसवां वेतन समझौता को लेकर वार्ता कर लागू करने के साथ-साथ कोयला उद्योग में ठेका मजदूरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करने की मांग उठाई गई. इसके तहत ठेका मजदूरों को प्रतिमाह न्यूनतम वेतन अठारह हजार रुपये देने की मांग की.
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