129 शिक्षकों की नहीं मिल रही संचिका

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लापरवाही. वर्ष 2014-15 में हुई थी नियुक्ति, विभाग मांग रहा रिकॉर्ड विभाग मांग रहा है सत्यापन, मेरिट लिस्ट, डाटा बेस व नियुक्ति पत्र से संबंधित रिपोर्ट पूर्व में डीएसइ द्वारा किया गया था पदस्थापन देवघर : वित्तीय वर्ष 2014-15 में देवघर में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों (कक्षा छह से आठ तक के लिए) के लिए […]

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लापरवाही. वर्ष 2014-15 में हुई थी नियुक्ति, विभाग मांग रहा रिकॉर्ड

विभाग मांग रहा है सत्यापन, मेरिट लिस्ट, डाटा बेस व नियुक्ति पत्र से संबंधित रिपोर्ट
पूर्व में डीएसइ द्वारा किया गया था पदस्थापन
देवघर : वित्तीय वर्ष 2014-15 में देवघर में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों (कक्षा छह से आठ तक के लिए) के लिए 129 शिक्षकों की बहाली हुई थी. प्राथमिक शिक्षा विभाग झारखंड के निदेशक द्वारा चयनित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन, मेरिट लिस्ट, डाटा बेस, नियुक्ति पत्र आदि से संबंधित अद्यतन रिकॉर्ड मांगा गया है. लेकिन, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में शिक्षक नियुक्ति से संबंधित संचिका नहीं मिल रही है. अब विभाग को क्या और कैसे रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाये, यह जिले के पदाधिकारी के लिए सिरदर्द बना हुआ है.
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व के जिला शिक्षा अधीक्षक के कार्यकाल में 129 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. उस वक्त संचिका का प्रभार कार्यालय के वरीय लिपिक को दिया गया था. प्रशासनिक दृष्टिकोण से कालांतर में लिपिक की प्रतिनियुक्ति डॉयट जसीडीह कर दी गयी थी. लेकिन, डॉयट जाने के पूर्व लिपिक द्वारा पूर्ण प्रभार अधिकृत लिपिक को नहीं दिया गया. वहीं कार्यालय के वर्तमान लिपिक का तबादला दुमका हो गया है.
सातवां वेतन के लिए हो रहा है पुनरीक्षण
सरकार के निर्देशानुसार नियम के तहत बहाल शिक्षकों को सातवां वेतन भुगतान का लाभ दिया जाना है. कायदे से पूरे जिले में सातवां वेतन पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. नियुक्त 129 शिक्षकों के सेवा पुस्तक को अद्यतन करने का काम किया जा रहा है.
प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए दो माह पहले लिया गया था डीडी
जिले के विभिन्न स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों के सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए दो माह पूर्व निर्धारित शुल्क के रूप में डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय देवघर द्वारा जमा लिया गया था. शिक्षकों से प्राप्त डीडी को कार्यालय द्वारा बैंक खाते में जमा करा दिया गया है. लेकिन, अबतक सत्यापन के लिए प्रमाण पत्र को नहीं भेजा गया है.
बगैर प्रमाण पत्र सत्यापन के ही शिक्षकों को मिल रहा है वेतन
विभागीय नियम के तहत चयनित अभ्यर्थियों के पदस्थापन के बाद उनके शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक सहित अन्य प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही वेतन का भुगतान किया जाना है. लेकिन, वित्तीय वर्ष 14-15 में बहाल किये गये शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन अबतक नहीं कराया गया है. विभाग भी बेरोक-टोक के उनका वेतन नियमित रूप से भुगतान कर रहा है.
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