डेढ़ माह में केवल चार किसानों का भुगतान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
सरकारी क्रय केंद्र में फंसी किसानों की मेहनत की कमाई कई किसानों का क्रय केंद्र से उठा विश्वास देवघर : धान अधिप्राप्ति 2016-17 के तहत सरकारी धान क्रय केंद्र में जिले के किसानों की मेहनत की कमाई फंस गयी है. पिछले डेढ़ माह के दौरान महज चार किसानों को ही बेचे गये धान का मूल्य […]
विज्ञापन
सरकारी क्रय केंद्र में फंसी किसानों की मेहनत की कमाई
कई किसानों का क्रय केंद्र से उठा विश्वास
देवघर : धान अधिप्राप्ति 2016-17 के तहत सरकारी धान क्रय केंद्र में जिले के किसानों की मेहनत की कमाई फंस गयी है. पिछले डेढ़ माह के दौरान महज चार किसानों को ही बेचे गये धान का मूल्य भुगतान किया गया है. सरकारी क्रय केंद्र में धान बेचने केे लिए अब तक 6900 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इसमें पूरे जिले में लगभग 500 किसानों ने 12 हजार क्विंटल धान अब तक क्रय केंद्र में बेचा है, इसमें लगभग 19 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है.
विभाग की जटिल प्रक्रिया की वजह से केवल चार किसानों के बैंक के खाते में धान का मूल्य भेजा गया है. शेष किसान अपना बकाया राशि प्राप्त करने के लिए पैक्स व नेकॉफ ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं. पिछले वर्ष भी लंबे समय तक किसानों को धान का भुगतान नहीं हो पाया था. धान क्रय की इस जटिल प्रक्रिया से किसानों में नाराजगी है. राशि अटकने से किसानों का कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गया है. किसानों को कई तरह की चिंता सता रही है. रबी फसल में पर्याप्त पूंजी नहीं लग पा रही है व बेटी की शादी तक की चिंता सता रही है. हालांकि बकाया राशि की डिमांड के लिए डीसी के स्तर से विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुुका है.
जिले के किसानाें का 19 करोड़ रुपये बकाया
15 दिनों बाद भी नहीं हुआ भुगतान : दुखी मंडल
मोहनपुर प्रखंड स्थित खरगडीहा गांव के किसान दुखी प्रसाद मंडल ने 15 दिनों पहले ही दहीजोर पैक्स में 25 किवंटल धान बेचा है, लेेकिन अब तक एक रुपया भुगतान नहीं हुुआ है. श्री मंडल ने कहा कि कई बार पैक्स व विभाग से संपर्क किया, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. अगर यही स्थिति बनी रही तो अगले वर्ष से सरकारी क्रय केंद्र में धान नहीं देंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










