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चर्मरोग को छिपाएंं नहीं ले सकता है कैंसर का रूप

18 Dec, 2016 1:55 am
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चर्मरोग को छिपाएंं नहीं   ले सकता है कैंसर का रूप

देवघर: इंडियन एसोसिएशन ऑफ डेमाटोलॉजिस्ट वेनेरियोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट ‘क्यूटिकोन-2016’ दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन डाबरग्राम स्थित एक रिसॉर्ट में किया गया. इस कांफ्रेंस में झारखंड सहित पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली व देश के अन्य राज्यों से करीब एक सौ से अधिक चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों शामिल हुए. कांफ्रेंस का उदघाटन सूबे के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष […]

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देवघर: इंडियन एसोसिएशन ऑफ डेमाटोलॉजिस्ट वेनेरियोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट ‘क्यूटिकोन-2016’ दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन डाबरग्राम स्थित एक रिसॉर्ट में किया गया. इस कांफ्रेंस में झारखंड सहित पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली व देश के अन्य राज्यों से करीब एक सौ से अधिक चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों शामिल हुए. कांफ्रेंस का उदघाटन सूबे के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने किया. उदघाटन सत्र मुख्य अतिथि श्री भोक्ता ने कहा कि बाबाधाम जैसे छोटे जगहों पर इस तरह का आयोजन होना गर्व की बात है. खासकर हमारे प्रांत में जागरुकता का अभाव है. ऐसे में चर्मरोग संबंधी छोटी समस्याओं को लोग नजरअंदाज करते हैं. छूआछूत की भावना से चर्मरोग के कुछ डिजिज को लोगों द्वारा छिपाया जाता है.
इससे चर्मरोग असाध्य रुप धारण करता है, जो स्कीन कैंसर में भी तब्दील हो सकता है. चर्मरोग को छिपाने से बाद में मरीजों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इस विज्ञान युग में उपचार पद्धति विकसित हुई है. ऐसे में लोग समस्या के निदान के लिए डॉक्टरों के पास जायें. समाज के बीच चर्मरोग संबंधी जागरुकता लाने के लिए आमजनों को भी प्रयास करना होगा. इस कांफ्रेंस के आयोजन के लिए उन्होंने चर्मरोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रति आभार भी जताया.

बतौर विशिष्ट अतिथि रिटायर आइजी कपिलदेव सिंह ने कहा कि तकलीफ से त्राण के लिए लोग डॉक्टरों के पास पहुंचते हैं. डॉक्टर समाज के धरोहर हैं. उन्होंने कहा कि इसकी उपयोगिता जन-जन तक पहुंचे. कांफ्रेंस में चर्मरोग से संबंधित शोवेनियर का लोकार्पण किया गया. कांफ्रेंस के आयोजन समिति के अध्यक्ष बोकारो के डॉ एसके रवि ने आगत अतिथियों का स्वागत किया तथा अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. आयोजन समिति के सचिव डॉ रोहित कुमार शर्मा ने कांफ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम को झारखंड प्रांतीय सचिव डॉ आनंद कुमार, डॉ प्रभात, डॉ एके झा, डॉ एएन सिंह व अन्य ने भी संबोधित किया.
साइंटिफिक सत्र में चर्म रोग के क्षेत्र में आये बदलाव पर चर्चा
कांफ्रेंस के साइंटिफिक सत्र में चर्म रोग चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर मुख्य रुप से चर्चा की गयी. पटना से पहुंचे डॉ अमरकांत झा अमर ने कहा कि दिनाय को रिंग वर्म कहते हैं, जो अब लाइलाज होता जा रहा है. हर तीन में दो लोग इससे पीड़ित हो रहे हैं. इससे पीड़ित होने का मुख्य वजह लोगों की जीवनशैली में हो रहे बदलाव है. स्नान करने के बाद शरीर सूखता नहीं है कि लोग टाइट फीटिंग कपड़े पहन ले रहे हैं. ऐसी बीमारियों में अकेली दवा काम नहीं करती. कंबिनेशन ड्रग का प्रयोग करना पड़ता है. पश्चिम बंगाल से पहुंचे चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ दास ने सफेद दाग के इलाज के बारे में जानकारी दी. डॉ मालाकार व डॉ कल्याण बनर्जी ने बालों में होने वाली बीमारियों पर चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि वातावरण में होने वाले प्रदूषण से ही चर्म रोग में इजाफा हो रहा है. जमशेदपुर से आये डॉ आरपी ठाकुर ने लेजर पद्धति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. पटना के डॉ विकास ने फंगल इंफेक्शन के बारे में बताया. रिम्स रांची के डॉ वाइए लाल ने एक्यूट स्कीन फेल्योर पर चर्चा की. दिल्ली से पहुंचे डॉ अमरेंद्र कुमार ने बाल प्रत्यारोपन के नयी विधि के बारे में बताया. उन्होंने कहा एक दिन के अंदर तीन-चार हजार बाल का प्रत्यारोपन कर गंजापन से निजात पाया जा सकता है. पटना मेडिकल कॉलेज के डॉ पीके राय, सासाराम मेडिकल कॉलेज के डॉ पुनीत कुमार सिंह, रांची के डॉ अमलांश ओम, धनबाद के डॉ सुबीर चौधरी, रिम्स के डॉ एसएस चौधरी, डॉ वीके सिन्हा, डॉ राजीव ठाकुर व अन्य ने भी कांफ्रेंस में विचार रखे.
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