गोपालपुर के लोगों ने नगर निगम से हटाने की रखी थी मांग
देवघर : देवघर नगर निगम में शामिल जसीडीह क्षेत्र का गोपालपुर मौजा को पंचायत में शामिल करने का प्रस्ताव सरकार को भेजी जा सकती है. चूंकि गोपालपुर के लोगों को पांच वर्षो में नगर निगम से पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिली है. उक्त बातें डीआरडीए डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने छह फरवरी को डीसी को भेजी गयी जांच रिपोर्ट में कही है.
राजद के युवा महानगर अध्यक्ष देवनंदन झा उर्फ नुनू समेत गोपालपुर के लोगों ने नगर विकास विभाग के सचिव को पत्र भेजकर गोपालपुर को नगर निगम से हटाकर पंचायत में शामिल करने की मांग की थी. नगर विकास विभाग के पत्रंक 4432 के आधार पर डीसी अमीत कुमार ने जांच टीम गठन किया था. जांच टीम में डीआरडीए डायरेक्टर शशि प्रकाश झा, डीपीआरओ इंदु गुप्ता व सीओ शैलेश कुमार शामिल थे. जांच टीम ने गोपालपुर गांव की स्थलीय जांच की. जांच पाया गया कि गोपालपुर अत्यंत निर्धन व्यक्ति रहते हैं.
लोग रिक्शा व टेंपो चलाकर व मजदूरी-खेती कर जीवन यापन करते हैं. वे लोग नगर निगम का टैक्स देने में सक्षम नहीं है. विद्युत विपत्र का भुगतान भी शहरी दर पर करने में सक्षम नहीं है. नगर निगम द्वारा पर्याप्त शहरी सुविधा विगत पांच वर्षो में उपलब्ध नहीं कराये जाने, सिंचाई की सुविधा का अभाव, बेरोजगारी की समस्या तथा निकटतम गांव के पंचायत क्षेत्र में ग्रामीण विकास के विभिन्न कार्यो को संचालित देखकर गोपालपुर के निवासी पुन: पंचायत क्षेत्र में विकास की संभावना को देखते हुए जाना चाहते हैं.
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गोपालपुर की कुल आबादी 436 है. यदि इस गांव को पंचायत क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाता है तो गिधनी अथवा टाभाघाट पंचायत के एक वार्ड में वृद्धि हो सकती है. इससे नगर निगम में वार्ड की संख्या में कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा.
